जमुई, 22 सितंबर 2026 : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त से बदसलूकी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। उसने मंगलवार को पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस उसे घटनास्थल के आसपास से पकड़ने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान वह भागने लगा और गोली लगने से घायल हो गया। यह मामला 19 सितंबर की शाम का है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की और एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। पुलिस ने मामले में सभी 6 लोगों की गिरफ्तार कर लिया है। इनमें तीन 35 से 40 साल की उम्र के हैं, जबकि तीन नाबालिग हैं।
वायरल वीडियो के बाद सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक 19 सितंबर की शाम दो नाबालिग छात्र कोचिंग के बाद दोपहिया वाहन से मड़वा पहाड़ी की ओर गए थे। लौटने के दौरान कुछ युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि समूह ने छात्र के साथ मारपीट और छात्रा के साथ बदसलूकी की। घटना का वीडियो बनाए जाने और उसके सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने वीडियो और अन्य जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की।
मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस कार्रवाई में घायल
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के दौरान पुलिस कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई को पुलिस मुठभेड़ बताया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी के भी जंगल क्षेत्र में छिपे होने और पुलिस से बचने के दौरान घायल होने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में आधिकारिक जांच और पुलिस की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
पहले तीन आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया था कि वीडियो के आधार पर करीब सात संदिग्धों की पहचान की गई है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने मामले में POCSO Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। साथ ही वायरल वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई
बिहार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो, फोटो या किसी अन्य जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर या रीपोस्ट न करें। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के खिलाफ भी FIR दर्ज की है, जिन पर नाबालिग की पहचान उजागर करने और वीडियो प्रसारित करने का आरोप है।
SIT कर रही मामले की जांच
जमुई पुलिस ने मामले की जांच के लिए महिला SDPO दीप्ति मोनाली के नेतृत्व में SIT गठित की थी। टीम वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने पीड़ित दोनों नाबालिगों की पहचान कर उनके बयान भी दर्ज किए हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।




