पटना, 19 सितंबर 2026 : बिहार में जमाबंदी शुद्धीकरण को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब जमाबंदी में सुधार के लिए अंचल कार्यालयों को हर मामले में रैयत के आवेदन का इंतजार नहीं करना होगा। विभाग ने अंचल अधिकारियों को खुद पहल कर जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों के सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी अंचल अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। खास तौर पर उन मामलों की भी समीक्षा करने को कहा गया है, जिनमें जमाबंदी में त्रुटि के कारण आवेदन पहले रिजेक्ट हो चुके हैं। आवश्यक जांच और सुधार के बाद ऐसे मामलों का समाधान करने की जिम्मेदारी भी अंचल अधिकारियों को दी गई है।

99% आवेदन रिजेक्ट होने पर कार्रवाई के निर्देश

राजस्व महा-अभियान की समीक्षा के दौरान सारण जिले में करीब 99 प्रतिशत आवेदनों को रिजेक्ट किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद परसा, अमनौर और दरियापुर के अंचल अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सचिव जय सिंह ने सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण जिलों के अंचल अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा के दौरान जमाबंदी सुधार और आवेदनों के निपटारे में लापरवाही पर अधिकारियों को निर्देश दिए। विभाग का जोर इस बात पर है कि तकनीकी या रिकॉर्ड संबंधी त्रुटियों के कारण आने वाले मामलों की उचित समीक्षा की जाए और पात्र मामलों का समाधान किया जाए।

भू-अर्जन में लापरवाही पर होगी जवाबदेही

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने अधिकारियों को भू-अर्जन से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में बाधा बनने वाली प्रक्रियागत देरी के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। विभागीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि नोटिस तामील होने के 14 दिन बाद संबंधित पक्ष को रिमाइंडर भेजा जाए। इसके अलावा अदालत में विचाराधीन मामलों की स्थिति की जानकारी निदेशालय को देने और लीगल सेल से मामलों की समीक्षा कराने को भी कहा गया है।

वासभूमि के आवेदन के लिए पटना आने की जरूरत नहीं

विभाग के सचिव जय सिंह ने वासभूमि से जुड़े आवेदनों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वासभूमिहीन लाभार्थियों को आवेदन जमा करने के लिए पटना स्थित राज्य मुख्यालय आने की जरूरत नहीं है। ऐसे लाभार्थी अपना आवेदन संबंधित अंचल कार्यालय में ही जमा कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद अंचल कार्यालय को आवेदक को उसकी रसीद भी उपलब्ध करानी होगी, ताकि आवेदन जमा करने का प्रमाण उसके पास रहे। अगर किसी अंचल कार्यालय में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता और इसके कारण आवेदक को राज्य मुख्यालय पटना आना पड़ता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

रैयतों के लिए क्या बदला ?

नए निर्देश का सबसे अहम पहलू यह है कि जमाबंदी में त्रुटि सुधार की प्रक्रिया केवल रैयत के आवेदन पर निर्भर नहीं रहेगी। अंचल स्तर पर भी रिकॉर्ड की समीक्षा और जरूरी सुधार की पहल की जा सकेगी। खास तौर पर पहले रिजेक्ट किए गए मामलों की समीक्षा से उन रैयतों को राहत मिलने की संभावना है, जिनके आवेदन रिकॉर्ड में त्रुटि या अन्य कारणों से खारिज हुए थे। हालांकि, प्रत्येक मामले में सुधार संबंधित रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही किया जाएगा।