पटना, 18 सितंबर 2026 : जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायकों और विधान पार्षदों के लिए शुक्रवार को पटना स्थित पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में एक दिवसीय ओरिएंटेशन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने किया। इस दौरान नीतीश कुमार और निशांत कुमार एक ही मंच पर नजर आए। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और अन्य सीनियर नेता भी मौजूद रहे। हालांकि इस कार्यक्रम में संसदीय कार्यप्रणाली के विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है।
कार्यक्रम में नहीं पहुंचे अनंत सिंह
JDU के इस कार्यक्रम में मोकामा के विधायक अनंत सिंह के शामिल नहीं होने की बात सामने आई है। पार्टी के विधायकों और विधान पार्षदों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है। हालांकि अनंत सिंह के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने की वजह को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। इसलिए उनकी गैरमौजूदगी को किसी राजनीतिक फैसले या पार्टी से दूरी का संकेत मानना अभी उचित नहीं होगा। अनंत सिंह हाल के दिनों में JDU के कुछ नेताओं और पार्टी के अंदरूनी मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने डॉ. अनुज कुमार के समर्थन को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया था।
नीतीश और निशांत एक मंच पर
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार के साथ निशांत कुमार की मौजूदगी भी चर्चा में रही। हालांकि, JDU की ओर से इस कार्यक्रम का घोषित उद्देश्य पार्टी के विधायकों और MLCs को विधायी प्रक्रिया और सदन की कार्यप्रणाली की जानकारी देना है। पार्टी ने कार्यक्रम को लेकर पहले ही स्पष्ट किया था कि इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को कानून बनाने की प्रक्रिया, विधानसभा में अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे प्रभावी ढंग से उठाने और विधायी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करना है।
विधायकों को दी जा रही संसदीय कार्यप्रणाली की ट्रेनिंग
कार्यक्रम में विधायकों और विधान पार्षदों को सदन की कार्यवाही, विधायी प्रक्रिया, सवाल पूछने के तरीके, कानून निर्माण, बजट और राज्य की अर्थव्यवस्था जैसे विषयों की जानकारी दी जा रही है। JDU के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए PRS Legislative Research से जुड़े विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। कार्यक्रम पूरे दिन चलने वाला है।
JDU की बैठक पर क्यों है नजर ?
18 सितंबर की इस बैठक को लेकर पहले से राजनीतिक चर्चा थी। हालांकि, JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कार्यक्रम से पहले किसी बड़े राजनीतिक फैसले या घोषणा की अटकलों को खारिज करते हुए इसे ओरिएंटेशन कार्यक्रम बताया था। बैठक ऐसे समय हो रही है जब बिहार की राजनीति में JDU के भविष्य, पार्टी की राजनीतिक दिशा, UCC और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इन मुद्दों पर अलग-अलग नेताओं के बयान सामने आए हैं, लेकिन कार्यक्रम के आधिकारिक एजेंडे में विधायी प्रशिक्षण को प्रमुखता दी गई है।




