पटना, 18 सितंबर। जनता दल यूनाइटेड (JDU) की बैठक के बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई। अनंत सिंह ने पार्टी के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्हें एक मामले में उनके घर में AK-47 रखकर फंसाया गया और जेल भेजा गया था। उन्होंने इस पूरे मामले की दोबारा जांच की मांग भी उठाई। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

MLC चुनाव में समर्थन को लेकर मतभेद

अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का चुनाव नहीं है, इसलिए वह नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। इसके बजाय उन्होंने नीरज के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने वाले डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही है।

नीरज पर पुराने विरोध का आरोप

अनंत सिंह ने कहा कि जब भी उन्होंने चुनाव लड़ा, नीरज कुमार ने उनका विरोध किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब उनके पक्ष में समर्थन नहीं दिया गया तो अब उनसे समर्थन की उम्मीद क्यों की जा रही है। उनके मुताबिक, इसी राजनीतिक मतभेद की वजह से वह अपने रुख पर कायम हैं।

AK-47 मामले की जांच की मांग

अपने आरोपों को दोहराते हुए अनंत सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई के पीछे उन्हें फंसाने की साजिश थी। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग करते हुए नेताओं को बुलाकर पूछताछ और जरूरत पड़ने पर नार्को टेस्ट कराने की बात भी कही। ये सभी दावे अनंत सिंह की ओर से लगाए गए हैं; उपलब्ध रिपोर्टों में नीरज कुमार की ओर से इन आरोपों की विस्तृत प्रतिक्रिया स्पष्ट नहीं है।

JDU नेतृत्व की बैठक पर भी नजर

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद पिछले कुछ समय से चर्चा में हैं। JDU नेतृत्व ने दोनों पक्षों के बीच विवाद को लेकर पहले भी बैठक की थी। 18 सितंबर को पार्टी की एक बड़ी बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें नीतीश कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

MLC चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा

पटना स्नातक क्षेत्र के MLC चुनाव को लेकर JDU के भीतर उम्मीदवार और समर्थन का सवाल महत्वपूर्ण बना हुआ है। अनंत सिंह के अलग रुख के बाद नीरज कुमार के समर्थन और पार्टी संगठन के स्तर पर इसे लेकर चर्चा तेज हुई है। फिलहाल चुनावी समीकरणों और नेताओं के बयानों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं।