नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026 : RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार से जुड़े IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। यह मामला उस दौर से जुड़ा है, जब लालू यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों का आरोप है कि IRCTC के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितता की गई और इसके बदले जमीन से जुड़े लेनदेन के जरिए लाभ पहुंचाया गया।
कोर्ट ने लालू यादव की भूमिका पर क्या कहा ?
आरोप तय करने के दौरान अदालत ने लालू यादव की भूमिका को लेकर भी टिप्पणी की। राउज एवेन्यू कोर्ट के अनुसार प्रथम दृष्टया ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जिनसे रेल मंत्री रहते हुए पद के कथित दुरुपयोग को लेकर संदेह पैदा होता है। अदालत ने यह भी कहा कि रेलवे से जुड़े अधिकारियों पर रांची और पुरी के होटल टेंडर में कथित तौर पर लालू यादव के कहने पर बदलाव किए जाने के आरोप हैं। हालांकि आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं है। इस मामले में आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।
लारा प्रोजेक्ट्स को कथित लाभ का मामला क्या है ?
सुनवाई के दौरान लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी को कथित रूप से मिले लाभ का मुद्दा भी सामने आया। अदालत ने मामले में सामने आए तथ्यों के आधार पर लालू यादव की भूमिका को लेकर संदेह का उल्लेख किया। कोर्ट ने जांच को महज राजनीतिक आरोप बताकर खारिज करने से भी इनकार किया। मामले में जांच एजेंसियों की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत इन पर आरोप
स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सरला गुप्ता, लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, सुजाता होटल्स समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद IRCTC से जुड़े इस पुराने मामले की सुनवाई अगले चरण में प्रवेश कर गई है। मामले की अगली सुनवाई तीन अक्टूबर को होगी।
क्या है IRCTC होटल टेंडर मामला ?
यह मामला वर्ष 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रांची और पुरी स्थित IRCTC के होटलों के संचालन का ठेका सुजाता होटल्स को कथित तौर पर नियमों में हेरफेर करके दिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित लाभ के बदले जमीन से जुड़े लेनदेन किए गए। आरोप है कि संबंधित जमीनों की कीमत बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम थी और इन लेनदेन का संबंध लालू परिवार से जोड़ा गया।
CBI के बाद ED ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग केस
IRCTC होटल मामले में पहले CBI ने FIR दर्ज की थी। बाद में इसी मामले को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। ED की जांच कथित अपराध से प्राप्त लाभ और उससे जुड़े संपत्ति लेनदेन पर केंद्रित रही है। वहीं, लालू यादव और उनके परिवार की ओर से इन आरोपों को खारिज किया जाता रहा है और इसे राजनीतिक साजिश बताया गया है।
2025 में CBI केस में भी तय हुए थे आरोप
IRCTC मामले से जुड़े CBI केस में भी लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ पहले आरोप तय किए जा चुके हैं। 13 अक्टूबर 2025 को इसी अदालत ने लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी समेत कई आरोप तय किए थे। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से जुड़े आरोप तय किए गए थे। अब मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी आरोप तय होने के बाद लालू परिवार से जुड़े इस केस की कानूनी लड़ाई आगे बढ़ेगी।




