पटना: लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह में दिए गए एक उपहार ने बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां विपक्ष जवाब मांग रहा है, वहीं RJD इसे राजनीतिक साजिश करार दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा कितना आगे बढ़ता है, इस पर राजनीतिक दलों और जनता दोनों की नजर बनी हुई है।
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन समारोह में दिया गया एक उपहार अब बिहार की राजनीति में नई बहस का कारण बन गया है। समारोह के दौरान लोक गायक छोटू छलिया को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा कंगन भेंट किए जाने के बाद विपक्ष ने इस मामले को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हुई कि समारोह में दिया गया कंगन काफी महंगा और कथित तौर पर हीरे का था। इसके बाद विपक्षी दलों ने उपहार की कीमत और उसके स्रोत को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
हालांकि राष्ट्रीय जनता दल ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि एक पारिवारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम को जानबूझकर विवाद का विषय बनाया जा रहा है। RJD का आरोप है कि विपक्ष के पास जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए ऐसे मामलों को उछाला जा रहा है।
इस बीच RJD के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह ने भी पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी सामान्य जीवनशैली के लिए जानी जाती हैं और वे महंगी डायमंड ज्वेलरी पहनने की शौकीन नहीं हैं। उनके अनुसार कंगन को लेकर जिस तरह की बातें कही जा रही हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
दूसरी ओर जदयू नेताओं का कहना है कि यदि उपहार को लेकर किसी प्रकार का संदेह है तो तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पार्टी का मानना है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के मामलों में पारदर्शिता जरूरी है,
फिलहाल कंगन की वास्तविक कीमत और उससे जुड़े दावों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र जरूर बन गया है।




