पटना, 18 सितंबर। बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। पटना के गर्दनीबाग में हजारों अभ्यर्थी अपनी मांगों और शिकायतों को लेकर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षित सीटों के आवंटन और ड्राइविंग टेस्ट की टाइमिंग को लेकर सवाल उठाते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
महिला आरक्षित सीटों को लेकर अभ्यर्थियों की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित करीब 1200 से 1300 सीटें खाली रह गई हैं। उनका आग्रह है कि यदि नियमों के अनुसार इन सीटों पर योग्य पुरुष अभ्यर्थियों की नियुक्ति का प्रावधान है, तो उस पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए। अभ्यर्थी इस मामले में विभाग से आधिकारिक स्थिति साफ करने की मांग कर रहे हैं।
ड्राइविंग टेस्ट की टाइमिंग पर उठे सवाल
प्रदर्शन में शामिल लखीसराय के अभ्यर्थी संजय कुमार ने ड्राइविंग टेस्ट के दौरान टाइमिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उनके मुताबिक उनका क्रमांक 64 था और टेस्ट के दौरान उनका वास्तविक समय करीब 40 से 50 सेकंड के आसपास रहा होगा।
उनका दावा है कि उनसे पहले वाले अभ्यर्थी के असफल होने का समय और उनका समय एक साथ दर्ज हो गया। इसके बाद रिकॉर्ड में उनका टाइम 1 मिनट 27 सेकंड दिखाई देने लगा।
रिकॉर्डिंग और टाइमिंग की जांच की मांग
संजय कुमार का कहना है कि उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से इसको लेकर शिकायत की, लेकिन उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला। उनका कहना है कि अगर टेस्ट की रिकॉर्डिंग या टाइमिंग की जांच नहीं हुई तो इसका असर भर्ती में उनकी स्थिति पर पड़ सकता है।
अभ्यर्थियों ने पारदर्शी जांच की मांग की
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि ड्राइविंग टेस्ट जैसी भर्ती प्रक्रिया में हर उम्मीदवार के प्रदर्शन का सटीक रिकॉर्ड होना जरूरी है। उन्होंने टेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग, टाइमिंग डेटा और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग रखी है, ताकि किसी अभ्यर्थी को तकनीकी या रिकॉर्डिंग संबंधी गलती का नुकसान न हो।
अधिकारियों के सामने रखीं अपनी शिकायतें
गर्दनीबाग पहुंचे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों और शिकायतों को अधिकारियों के सामने रखने की कोशिश की। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए और जांच के बाद यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
जांच के बाद साफ होगी स्थिति
अभी तक अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। टाइमिंग, रिकॉर्डिंग और सीट आवंटन से जुड़े सभी दावों की आधिकारिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग पर कायम हैं।




