पटना, 30 सितंबर 2026 : गन्ना किसानों को विभागीय योजनाओं और सरकारी सेवाओं से जोड़ने के लिए बिहार के गन्ना उद्योग विभाग ने एक डिजिटल पहल शुरू की है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने बुधवार को विकास भवन स्थित अपने कार्यालय में ‘गन्ना साथी’ AI चैटबॉट और गन्ना किसान डिजिटल पहचान पत्र का शुभारंभ किया। विभाग के अनुसार, डिजिटल पहचान पत्र प्रत्येक किसान की विशिष्ट डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगा। पहचान पत्र पर मौजूद QR Code को मोबाइल से स्कैन कर किसान विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों, महत्वपूर्ण सूचनाओं और अपने आवेदन से जुड़ी जानकारी एक क्लिक में प्राप्त कर सकेंगे।

बातचीत के जरिए मिलेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), बिहार की ओर से गन्ना उद्योग विभाग के लिए विकसित ‘गन्ना साथी’ AI आधारित नागरिक सहायता चैटबॉट है। इसका उद्देश्य किसानों और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं और विभागीय जानकारियां आसान और संवादात्मक तरीके से उपलब्ध कराना है। चैटबॉट के जरिए किसानों को अलग-अलग विभागीय पोर्टल और मेन्यू में जाकर सेवा तलाशने की जरूरत कम होगी। किसान बातचीत के दौरान दिए गए विकल्पों को चुनकर या आवश्यक जानकारी दर्ज कर अपनी जरूरत की सेवा तक पहुंच सकेंगे।

आवेदन और परमिट का स्टेटस भी देख सकेंगे किसान

गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के अनुसार, ‘गन्ना साथी’ के माध्यम से किसान अपने आवेदन की स्थिति, परमिट की स्थिति और दावे से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी भी देख सकेंगे। चैटबॉट बातचीत के संदर्भ को समझते हुए आगे के सवालों का जवाब देने में सक्षम होगा। विभाग के अनुसार, गन्ना आईडी या आवेदन/संदर्भ संख्या जैसी जानकारी जरूरत पड़ने पर एक बार दर्ज करने के बाद उसी बातचीत में दोबारा दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। विभाग ने बताया कि चैटबॉट का सत्र समाप्त होने के बाद बातचीत से संबंधित जानकारी हटा दी जाती है।

हिंदी और अंग्रेजी में मिलेगी सुविधा

‘गन्ना साथी’ में किसानों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में बातचीत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा चैटबॉट के जवाबों को सुनने के लिए Text-to-Speech यानी Read Aloud सुविधा भी दी गई है। इससे उन किसानों को भी डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है, जो टेक्स्ट पढ़ने की बजाय जानकारी सुनना पसंद करते हैं।

किसान योजनाओं की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया भी जान सकेंगे

गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने ‘गन्ना साथी’ को किसान हित में महत्वपूर्ण डिजिटल पहल बताया। उन्होंने कहा कि चैटबॉट के माध्यम से किसान विभिन्न योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और अन्य विभागीय जानकारियां बातचीत के जरिए प्राप्त कर सकेंगे। सचिव ने गन्ना उद्योग में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से शुरू की गई पहल की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गन्ना उद्योग निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत राज्य में उपलब्ध सीमित प्राइम लैंड के लिए इच्छुक निवेशकों से Expression of Interest (EOI) आमंत्रित किया गया है। इच्छुक निवेशक SIPP Portal के माध्यम से अपनी रुचि दर्ज कर सकते हैं।

डिजिटल पहचान से आसान पहुंच का दावा

ईखायुक्त अनिल कुमार झा ने ‘गन्ना साथी’ AI चैटबॉट और गन्ना किसान डिजिटल पहचान पत्र की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य किसानों को विभागीय योजनाओं, सेवाओं और उनकी व्यक्तिगत आवेदन संबंधी जानकारी तक सरल, त्वरित और डिजिटल माध्यम से पहुंच उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, ईखायुक्त अनिल कुमार झा, संयुक्त ईखायुक्त वेदव्रत कुमार, NIC बिहार के उप महानिदेशक सह राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी डॉ. शैलेश कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ निदेशक (IT) संजय कुमार, वैज्ञानिक-डी राधेश्याम और राहुल कुमार शर्मा, वैज्ञानिक तकनीकी सहायक-बी अंकुर रंजन सहित विभाग और NIC के अन्य अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।