पटना, 22 सितंबर 2026 : बिहार में घर या व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी चल रही है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार भवन उपविधि-2026 का नया प्रारूप तैयार किया है। इसमें अनावश्यक शर्तों और कागजी प्रक्रियाओं को कम करने के साथ भवन नक्शे की मंजूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का प्रस्ताव है। भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए गठित मंत्री समूह की बैठक में भी इन बदलावों पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य लोगों को नक्शा स्वीकृत कराने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और Ease of Living तथा Ease of Doing Business को बढ़ावा देना है।

नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में क्या बदलाव होंगे ?

प्रस्तावित Bihar Building Bylaws 2026 में भवन निर्माण की अनुमति से जुड़े कई नियमों को सरल बनाने पर विशेष रूप से जोर दिया गया है। खासतौर पर ऐसी शर्तों की समीक्षा की जा रही है, जिनकी वजह से आम लोगों को नक्शा पास कराने में अतिरिक्त समय और कागजी औपचारिकताओं का सामना करना पड़ता है।

नक्शे की वैधता अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव

नए भवन उपविधि में स्वीकृत नक्शे की वैधता अवधि को अधिक व्यावहारिक बनाने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य यह है कि निर्माण में देरी होने पर लोगों को बार-बार नक्शे के नवीनीकरण की प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। हालांकि, इसकी अंतिम अवधि और लागू होने की शर्तें नए नियमों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद स्पष्ट होंगी।

अनावश्यक शर्तों और कागजी प्रक्रिया में कमी

नक्शा स्वीकृति के दौरान कई तरह की शर्तों और दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। नए प्रारूप में ऐसी प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है, जिन्हें अनावश्यक या जटिल माना जा रहा है। सरकार का फोकस जरूरी नियमों को बनाए रखते हुए प्रक्रिया को कम जटिल बनाने पर है। NOC से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी जरूरत के मुताबिक सरल करने का प्रस्ताव है।

Digital और Time-Bound होगा Approval System

नए भवन उपविधि में नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया को अधिक Digital, Transparent और Time-Bound बनाने पर जोर दिया गया है। इससे आवेदन की स्थिति और स्वीकृति प्रक्रिया को ऑनलाइन तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक देरी कम करना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।

आम लोगों को क्या फायदा होगा ?

अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो घर बनाने वाले लोगों के लिए भवन नक्शे की मंजूरी की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकती है।

इसके संभावित फायदे इस तरह हैं :

  • नक्शा पास कराने की प्रक्रिया कम जटिल हो सकती है।
  • अनावश्यक कागजी औपचारिकताएं कम हो सकती हैं।
  • कुछ NOC प्रक्रियाओं को सरल किया जा सकता है।
  • नक्शे की वैधता अवधि को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सकता है।
  • Approval System को Digital और Time-Bound बनाने पर जोर रहेगा।
  • आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ सकती है।

मंत्री समूह की बैठक में हुई चर्चा

बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप को लेकर हुई बैठक में भवन निर्माण से संबंधित नियामक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने पर चर्चा हुई। इस बैठक में यह बात सामने आई कि ऐसे प्रावधानों की समीक्षा की जानी चाहिए, जिनका पालन आम लोगों और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए व्यवहारिक रूप से कठिन है। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार भवन उपविधि-2026 का उद्देश्य Ease of Doing Business और Ease of Living को बेहतर बनाना है। इसके लिए अनावश्यक नियमों और प्रक्रियाओं को कम करने पर काम किया जा रहा है। इस बैठक में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री राम कृपाल यादव और संजय सिंह समेत संबंधित अन्य अधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।

हितधारकों से सुझाव लेकर तैयार होगा अंतिम प्रारूप

नए भवन उपविधि को अंतिम रूप देने से पहले इससे जुड़े हितधारकों के सुझावों को भी शामिल किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि नियम सिर्फ कागज पर सरल न हों, बल्कि उन्हें जमीन पर लागू करना भी आसान हो। इसके लिए भवन निर्माण, नक्शा स्वीकृति, NOC और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में आने वाली व्यावहारिक परेशानियों की समीक्षा की जा रही है।

अभी प्रस्तावित हैं बदलाव

फिलहाल Bihar Building Bylaws 2026 का नया प्रारूप तैयार किया गया है और इसमें बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। इसलिए नक्शे की वैधता, NOC, दस्तावेजों और Digital Approval से जुड़े अंतिम नियम लागू होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे। सरकार की योजना भवन निर्माण की अनुमति से जुड़ी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की है। यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो बिहार में घर या व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में लोगों को कई स्तरों पर राहत मिल सकती है।