पटना, 19 सितंबर 2026 : बिहार के वित्त रहित और अनुदानित शिक्षण संस्थानों में काम करने वाले शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए एक राहत की खबर है। राज्य सरकार ने इन कर्मियों के वेतन और पारिश्रमिक के भुगतान के लिए 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान जारी किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए इसकी जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री के अनुसार यह राशि वित्त रहित विद्यालय और महाविद्यालय तथा अनुदानित विद्यालयों व महाविद्यालयों से जुड़े शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के भुगतान के लिए जारी की गई है।

शिक्षकों और कर्मचारियों के भुगतान में होगा इस्तेमाल

राज्य सरकार की ओर से जारी 461 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के वेतन एवं पारिश्रमिक भुगतान के लिए किया जाना है। लंबे समय से भुगतान संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे संस्थानों और कर्मचारियों के लिए यह राशि आर्थिक राहत प्रदान कर सकती है। कई वित्त रहित और अनुदानित शिक्षण संस्थानों में वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण कर्मचारियों के भुगतान को लेकर समस्याएं सामने आती रही हैं। ऐसे में बिहार सरकार की ओर से जारी यह सहायक अनुदान लंबित भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

CM सम्राट चौधरी ने X पर दी जानकारी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि वित्त रहित विद्यालय और महाविद्यालय के लिए एक खुशखबरी है। उन्होंने बताया कि शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के भुगतान के लिए अनुदानित विद्यालयों और महाविद्यालयों के लिए कुल 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान निर्गत किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों, कर्मियों और संस्थानों के हित में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर भी दिया जा रहा है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

राज्य सरकार के इस फैसले को शिक्षण संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के वित्तीय हितों से जोड़कर देखा जा रहा है। समय पर वेतन और पारिश्रमिक का भुगतान होने से संस्थानों के संचालन में भी मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि अलग-अलग संस्थानों में राशि के वितरण और लंबित भुगतान की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। कुल मिलाकर सीएम सम्राट चौधरी के इस फैसले से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी।