पटना, 29 अगस्त 2026 : बिहार में SC-ST आरक्षण को लेकर सियासी घमासान काफी तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन के बीच आरक्षण में सब-कैटेगराइजेशन यानी कोटे के अंदर कोटा को लेकर भी बयानबाजी बढ़ती जा रही है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जीतन राम मांझी और संतोष सुमन से मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की थी। अब मंत्री संतोष सुमन ने पलटवार करते हुए कहा है कि अगर चिराग पासवान इस्तीफा देते हैं, तो वह भी इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

संतोष सुमन बोले- पहले चिराग इस्तीफा दें

संतोष सुमन ने कहा कि चिराग पासवान की पार्टी बड़ी है और उनके पास अधिक संख्या बल है। उन्होंने चिराग पासवान को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि अगर इस्तीफे की बात हो रही है तो इसकी शुरुआत चिराग पासवान को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिराग पासवान अगर अपना मंत्री पद छोड़ते हैं तो वह भी उनके साथ इस्तीफा देने को तैयार हैं।

‘मैंने क्रीमी लेयर की मांग नहीं की’

आरक्षण विवाद पर सफाई देते हुए संतोष सुमन ने कहा कि उन्होंने SC-ST आरक्षण खत्म करने या क्रीमी लेयर लागू कर आरक्षण के लाभ से किसी वर्ग को बाहर करने की मांग नहीं की है। उनके मुताबिक, क्रीमी लेयर और सब-कैटेगराइजेशन दो अलग-अलग मुद्दे हैं। संतोष सुमन ने कहा कि उनकी मांग दलित वर्ग के भीतर उन जातियों को आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने की है, जो लंबे समय से सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पीछे हैं।

इन दलित समुदायों के लिए सब-कोटा की मांग

संतोष सुमन ने मुसहर, भुइयां, हलखोर, नट और डोम जैसे समुदायों का जिक्र करते हुए कहा कि इन वर्गों के लोगों को अभी भी कई स्तरों पर पिछड़ेपन और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उनका तर्क है कि दलित आरक्षण के भीतर भी जो समुदाय सबसे ज्यादा वंचित हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने के लिए अलग हिस्सेदारी पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने के बजाय गंभीर चर्चा और तथ्य के आधार पर फैसला होना चाहिए।

चिराग ने क्या कहा था ?

इससे पहले चिराग पासवान ने आरक्षण में क्रीमी लेयर और सब-कोटा की चर्चा पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने जीतन राम मांझी और संतोष सुमन से मंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा था। चिराग का कहना है कि SC-ST आरक्षण का आधार सामाजिक भेदभाव और छुआछूत जैसी ऐतिहासिक परिस्थितियां हैं। उन्होंने आरक्षण के संवैधानिक आधार में बदलाव की किसी भी कोशिश का विरोध किया है।

जीतन राम मांझी भी चिराग पर हमलावर

इस विवाद में जीतन राम मांझी भी चिराग पासवान पर पलटवार कर चुके हैं। मांझी ने कहा है कि उनकी पार्टी आरक्षण खत्म करने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि चिराग पासवान उनके बेटे संतोष सुमन की बात को सही संदर्भ में नहीं समझ रहे हैं। मांझी ने भी चिराग की इस्तीफे की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इस्तीफा देने की बात है तो पहले चिराग पासवान खुद इस्तीफा दें।

NDA में बढ़ी सियासी हलचल

चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं। वहीं संतोष सुमन बिहार सरकार में मंत्री हैं। ऐसे में आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर NDA के नेताओं के बीच खुलकर बयानबाजी ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है। अब बड़ा सवाल यह है कि SC-ST Reservation में Sub-Categorization के मुद्दे पर NDA के भीतर यह मतभेद आगे कितना बढ़ता है और क्या शीर्ष नेतृत्व इस विवाद को लेकर कोई हस्तक्षेप करता है।