पटना, 17 सितंबर। सीमित संसाधनों के बावजूद कारोबार खड़ा करने की मिसाल पटना की 37 वर्षीय खुशबू कुमारी ने पेश की है। वर्ष 2022 में करीब 10 लाख रुपये की परियोजना लागत से डिटर्जेंट और क्लीनिंग प्रोडक्ट का कारोबार शुरू करने वाली खुशबू की कंपनी ‘दिव्यांश एंटरप्राइजेज’ का वार्षिक टर्नओवर अब करीब 1.50 करोड़ रुपये बताया गया है। कारोबार से करीब 100 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की जानकारी दी गई है।

9 लाख के ऋण से शुरू हुआ कारोबार

खुशबू को कारोबार शुरू करने में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का सहयोग मिला। उन्हें पंजाब नेशनल बैंक से करीब 9 लाख रुपये का शुरुआती ऋण मिला। परियोजना में उनका योगदान 10 प्रतिशत था और योजना के तहत मार्जिन मनी सब्सिडी का प्रावधान भी मिला। उन्हें उद्यमिता, उत्पादन, वित्तीय प्रबंधन और मार्केटिंग से जुड़ा प्रशिक्षण दिया गया।

लोकल मार्केट से बनाई पहचान

शुरुआत में खुशबू ने डिटर्जेंट और फर्श साफ करने वाले उत्पादों के साथ बाजार में कदम रखा। बड़े ब्रांडों के बीच नए उत्पाद पर ग्राहक का भरोसा कायम करना उनकी प्रमुख चुनौतियों में शामिल रहा। उन्होंने गुणवत्ता, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर ध्यान दिया और धीरे-धीरे डीलरों, थोक विक्रेताओं और दुकानदारों का नेटवर्क तैयार किया।

पांच कर्मचारियों से 100 लोगों तक पहुंचा रोजगार

कारोबार बढ़ने के साथ कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ी। पांच कर्मचारियों से शुरू हुई इकाई से अब करीब 100 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलने की जानकारी है। कंपनी में महिलाओं और पुरुषों दोनों को रोजगार देने पर जोर बताया गया है।

11.78 करोड़ की नई परियोजना पर काम

वर्ष 2026 में PMEGP-2 के तहत एक करोड़ रुपये का ऋण मिलने के बाद खुशबू ने बड़े विनिर्माण संयंत्र की दिशा में कदम बढ़ाया। बियाडा के माध्यम से करीब 30 हजार वर्गफुट जमीन उपलब्ध होने की बात कही गई है। प्रस्तावित परियोजना की कुल लागत 11 करोड़ 78 लाख 43 हजार रुपये है, जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 10 करोड़ रुपये के ऋण की स्वीकृति बताई गई है।

अब 100 करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य

नई इकाई शुरू होने के बाद उत्पादन बढ़ाने और नए उत्पाद बाजार में उतारने की योजना है। खुशबू पहले बिहार के सभी जिलों में नेटवर्क मजबूत करना चाहती हैं, इसके बाद झारखंड और अन्य राज्यों में विस्तार की तैयारी है। अगले पांच वर्षों में 100 करोड़ रुपये वार्षिक टर्नओवर और करीब 1,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य बताया गया है।