पटना: बिहार में विकास कार्यों और सरकारी खजाने को लेकर राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ विकास कार्यों का दावा कर रही है, जबकि दूसरी ओर जरूरी कामों के लिए विभागों के पास पर्याप्त राशि नहीं है।
भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि उन्हें अभी तक पिछले महीने का वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत के मुद्दे पर जब उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से बात की तो उन्हें पैसे की कमी का हवाला दिया गया।
‘विकास के लिए पैसे नहीं हैं’
राजद विधायक ने कहा कि राज्य में कई सड़कें जर्जर हैं और उनकी मरम्मत की जरूरत है। उनके मुताबिक, जब ऐसे कामों को लेकर अधिकारियों से बात की जाती है तो फंड उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है।
उन्होंने सरकार के विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्थिति इससे अलग है। भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए पैसे नहीं हैं, जबकि दूसरी ओर भ्रष्टाचार और घोटाले से जुड़े आरोप सामने आ रहे हैं।
‘ठेकेदारों से मांगा जा रहा कमीशन’
भाई वीरेंद्र ने डस्टबिन घोटाले का जिक्र करते हुए सरकार पर कमीशनखोरी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदारों और संवेदकों से कमीशन मांगा जा रहा है, जिसके कारण कई ठेकेदार काम करने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदकों और एजेंसियों से मंत्री स्तर तक पैसे की मांग की जा रही है। हालांकि, ये आरोप भाई वीरेंद्र की ओर से लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री से मामले में संज्ञान लेने की मांग
राजद विधायक ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री और अधिकारी कमीशन मांग रहे हैं तो इससे सरकार की छवि प्रभावित होती है।
भाई वीरेंद्र ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि उनके मंत्री कमीशन मांग रहे हैं और इससे सरकार की बदनामी हो रही है।
जदयू को लेकर भी किया दावा
भाई वीरेंद्र ने बिहार की राजनीति और जदयू के भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि वह पहले ही कह चुके हैं कि आने वाले समय में जदयू नाम की पार्टी नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार को पहले ही इस संबंध में सचेत किया था। भाई वीरेंद्र ने अपने बयान में नीतीश कुमार और निशांत कुमार को भी आगाह करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि जिस तरह पहले पहरेदार रात में लोगों को जागने के लिए सचेत करते थे, उसी तरह वह भी उन्हें चेतावनी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “पलीते में आग लगा दी गई है” और अब अपनी पार्टी को बचाने की जिम्मेदारी उन्हें तय करनी होगी।
सरकार के विकास दावों पर सियासी सवाल
भाई वीरेंद्र के इन आरोपों के बाद बिहार में विकास कार्यों, फंड की उपलब्धता और कथित कमीशनखोरी को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। वहीं, सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा।
राज्य सरकार हाल के महीनों में विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई कामों को आगे बढ़ाने का दावा करती रही है।




