पटना: बिहार के सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की कमी दूर करने के लिए रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग उठी है। डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ ने राज्य सरकार से लंबित बहाली प्रक्रिया पूरी करने और नए सृजित पदों पर नियुक्ति शुरू करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि अस्पतालों में दवाओं का वितरण, सुरक्षित रखरखाव और स्टॉक रिकॉर्ड बेहतर बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में फार्मासिस्टों की नियुक्ति जरूरी है।

बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर चल रही बहाली प्रक्रिया में अब तक 870 डिप्लोमा फार्मासिस्टों की नियुक्ति हुई है। शेष 1603 पदों पर नियुक्ति होनी है। इसके अतिरिक्त 1021 नए पद सृजित किए गए हैं, जिन पर भी बहाली की मांग की जा रही है।

2624 पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग

डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ ने रविवार को राज्य सरकार से फार्मासिस्टों के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि भर्ती नियमावली और न्यायिक आदेशों के अनुरूप बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि नियुक्तियों में अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की कमी का असर दवाओं के वितरण और भंडार प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में रिक्त पदों को भरना जरूरी है।

2473 पदों की भर्ती में 870 नियुक्तियां

बिहार तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से फार्मासिस्ट के 2473 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अब तक 870 डिप्लोमा फार्मासिस्टों की नियुक्ति हुई है, जबकि 1603 पदों पर नियुक्ति बाकी है।

इसके अलावा राज्य में फार्मासिस्ट के 1021 नए पद सृजित किए गए हैं। संगठन ने इन पदों पर भी जल्द बहाली शुरू करने की मांग की है। इन नियुक्तियों से सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्टों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

डीफार्मा योग्यता पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार की फार्मासिस्ट भर्ती नियमावली में डिप्लोमा इन फार्मेसी (D.Pharm) की योग्यता निर्धारित है।

उनके अनुसार, पटना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल 2025 को डीफार्मा योग्यता को लेकर फैसला दिया था। इसके बाद 16 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

संगठन ने मांग की है कि नियुक्ति प्रक्रिया भर्ती नियमावली और न्यायिक आदेशों के अनुरूप आगे बढ़ाई जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों की बहाली में देरी न हो।

दवा वितरण और भंडार प्रबंधन में फार्मासिस्टों की अहम भूमिका

सरकारी अस्पतालों में फार्मासिस्ट दवाओं के वितरण के साथ-साथ उनके सुरक्षित रखरखाव, उपलब्ध स्टॉक का रिकॉर्ड रखने और दवा प्रबंधन से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऐसे में पर्याप्त संख्या में फार्मासिस्टों की नियुक्ति से अस्पतालों में इन व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है। बड़ी संख्या में पद खाली रहने से कर्मचारियों पर काम का दबाव भी बढ़ सकता है।

अब सरकार के फैसले पर नजर

डिप्लोमा फार्मासिस्ट ऑर्गेनाइजेशन छात्र संघ ने राज्य सरकार से लंबित 1603 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी करने और 1021 नए सृजित पदों पर बहाली शुरू करने की मांग की है।

अब इस मामले में राज्य सरकार और बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। नियुक्तियों को लेकर किसी नई समयसीमा या आधिकारिक घोषणा की जानकारी सामने आने के बाद ही बहाली की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।