Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) में बगावत के सुर सामने आए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा कुशवाहा ने सारण शिक्षक सीट से बागी उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया है। उनके नामांकन के दौरान RLM के तीन विधायक भी मौजूद रहे।

भाई वीरेंद्र ने कुशवाहा पर साधा निशाना

RLM में बगावत को लेकर RJD विधायक भाई वीरेंद्र यादव ने उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि RLM में सभी लोग उपेंद्र कुशवाहा को नेता नहीं मानते हैं। भाई वीरेंद्र के मुताबिक, पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में यह धारणा बनी है कि कुशवाहा अपने और अपने परिवार के लिए राजनीति करते हैं।

हालांकि, ये भाई वीरेंद्र यादव के राजनीतिक आरोप और बयान हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

रामपुकार सिन्हा ने किया बागी नामांकन

सारण शिक्षक सीट पर RLM के प्रदेश प्रवक्ता एवं प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा कुशवाहा ने सोमवार को पार्टी लाइन से अलग जाकर नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन के दौरान RLM के तीन विधायक माधव आनंद, रामेश्वर महतो और आलोक कुमार सिंह मौजूद रहे।

नामांकन के दौरान पार्टी के भीतर नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, इन नेताओं ने उपेंद्र कुशवाहा पर परिवारवाद और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप लगाए हैं।

MLC चुनाव के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल

बिहार में विधान परिषद की आठ शिक्षक और स्नातक सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे समय में RLM के भीतर सामने आया यह विवाद पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सारण शिक्षक सीट पर बागी उम्मीदवार के नामांकन और RLM विधायकों के उनके साथ खड़े होने से पार्टी के अंदर नेतृत्व, उम्मीदवार चयन और संगठनात्मक अनुशासन को लेकर बहस तेज हो गई है।

अब देखना होगा कि उपेंद्र कुशवाहा इस बगावत से कैसे निपटते हैं और MLC चुनाव में इसका RLM के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ता है।