बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोपालगंज में तैनात अपर जिला दंडाधिकारी (ADM) राजेश्वरी पांडेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। इसके बाद SVU की टीम ने एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की संपत्ति, बैंक खातों में जमा रकम, फिक्स्ड डिपॉजिट, सोने-चांदी के आभूषण और संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, बरामद दस्तावेजों और शुरुआती जांच में ADM के पास कथित तौर पर 3 करोड़ 12 लाख 47 हजार 400 रुपये की अवैध संपत्ति होने की जानकारी मिली है। मामले में संपत्तियों के स्रोत और निवेश से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
SVU ने गोपालगंज में ADM राजेश्वरी पांडेय के कार्यालय और आवास के अलावा रोहतास जिले में स्थित उनके पैतृक मकान तथा पटना के रूपसपुर स्थित फ्लैट पर छापेमारी की। जांच टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों, बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की। इस कार्रवाई का उद्देश्य अधिकारी की घोषित आय और उनके पास मौजूद संपत्ति के बीच अंतर का पता लगाना है।
आय से 135.23 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
विशेष निगरानी इकाई की जांच में ADM के पास आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 2.50 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति होने का आरोप सामने आया है। एजेंसी के अनुसार, यह उनकी वास्तविक आय के ज्ञात स्रोतों से 135.23 प्रतिशत अधिक है। शुरुआत में करीब 1.66 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था, लेकिन आगे की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद यह रकम बढ़कर लगभग 2.50 करोड़ रुपये हो गई।
SVU के मुताबिक, तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों में कुल 3,12,47,400 रुपये की कथित अवैध संपत्ति का विवरण सामने आया है। हालांकि, आय से अधिक संपत्ति के मामले में अंतिम आकलन और आरोपों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
35 बैंक खातों में करीब डेढ़ करोड़ रुपये
जांच एजेंसी के अनुसार, ADM से जुड़े चार बैंकों—भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), HDFC बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया—में कुल 35 खाते खोले गए थे। इन खातों में जमा रकम और फिक्स्ड डिपॉजिट की पड़ताल के दौरान करीब 1.49 करोड़ रुपये जमा होने तथा 8.50 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा तलाशी के दौरान आवास से 1.85 लाख रुपये नकद और करीब 32 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण मिलने की बात कही गई है। महंगी वस्तुओं की खरीदारी से जुड़े कई बिल और वाउचर भी बरामद हुए हैं। SVU इन दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति अर्जित करने के स्रोतों की जांच कर रही है।
पटना, रोहतास और वाराणसी में खरीदी गईं संपत्तियां
SVU की जांच के मुताबिक, ADM राजेश्वरी पांडेय ने स्वयं, अपनी पत्नी और पुत्र के नाम पर करीब 1.32 करोड़ रुपये मूल्य की 12 अचल संपत्तियां खरीदीं। ये संपत्तियां बिहार के पटना, रोहतास जिले के करगहर प्रखंड स्थित पैतृक गांव ठोरसन और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में होने की जानकारी सामने आई है।
पटना के रूपसपुर इलाके में आरपीएस स्कूल के पास भवानी सिटी अपार्टमेंट के ए ब्लॉक में एक फ्लैट भी जांच के दायरे में है। एजेंसी का आरोप है कि सरकारी सेवा में वर्ष 2010 में आने के बाद कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित धन को पत्नी और बच्चों के बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।
शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश की भी जांच
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों से विभिन्न कंपनियों के शेयर और म्यूचुअल फंड में निवेश की जानकारी भी सामने आई है। SVU अब इन निवेशों के स्रोत, लेनदेन और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अधिकारी की घोषित आय के मुकाबले कुल निवेश और संपत्ति कितनी है तथा धन किन माध्यमों से अर्जित किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, ADM से जुड़ी अन्य चल और अचल संपत्तियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इन चार जगहों पर हुई छापेमारी
SVU की टीम ने गोपालगंज समाहरणालय स्थित ADM कार्यालय, गोपालगंज में उनके आवास, रोहतास जिले के करगहर प्रखंड के ठोरसन गांव स्थित पैतृक मकान और पटना के रूपसपुर स्थित भवानी सिटी अपार्टमेंट के फ्लैट पर तलाशी ली।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल जांच एजेंसी संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।




