लखनऊ, 16 सितंबर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने कुख्यात Lawrence Bishnoi Gang से जुड़े बताए जा रहे एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया है। एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह के तार बिहार और पूर्वांचल तक फैले थे। कार्रवाई के दौरान गोपालगंज के श्रेयांश यादव उर्फ बबलू समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल, मैगजीन, रिवॉल्वर, कारतूस और दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।
चार पिस्टल और रिवॉल्वर समेत हथियार बरामद
एसटीएफ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार पिस्टल, चार मैगजीन, एक रिवॉल्वर, पांच कारतूस, एक बाइक और एक स्कूटी बरामद हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गोपालगंज के श्रेयांश की बताई गई अहम भूमिका
गिरफ्तार आरोपियों में श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, जो गोपालगंज के विजयीपुर का रहने वाला बताया गया है, की भूमिका को जांच में महत्वपूर्ण बताया गया है। एसटीएफ ने उसे देवरिया के अजीत यादव, गोरखपुर के अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, राहुल गुप्ता और अभिषेक प्रजापति के साथ विंध्यवासिनी पार्क के पास से पकड़ा।
मध्य प्रदेश और हरियाणा से लाते थे हथियार
पूछताछ के आधार पर एसटीएफ का दावा है कि गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से हथियार खरीदकर पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में पहुंचाता था। आरोपियों ने कथित तौर पर पिछले तीन वर्षों में 100 से 150 पिस्टल बेचने की बात कही है।
पश्चिम चंपारण का शशांक पांडेय मास्टरमाइंड बताया गया
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार पश्चिम चंपारण के मैनाटाड़ थाना क्षेत्र के चुठहा गांव निवासी शशांक पांडेय बताया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि वह करीब 2021 के आसपास लॉरेंस बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया था और इसके बाद अवैध हथियार सप्लाई समेत आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा।
NIA की जांच में भी सामने आया नाम
पुलिस के अनुसार, शशांक पांडेय को 24 जुलाई 2022 को अंबाला पुलिस ने हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद 27 सितंबर 2023 को NIA की देशव्यापी कार्रवाई के दौरान भी उसकी तलाश में गोरखपुर में दबिश दिए जाने की जानकारी सामने आई थी।
40 हजार की पिस्टल डेढ़ लाख में बेचने का आरोप
एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह कथित तौर पर 30 से 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीदकर उन्हें अपराधियों को 1 से 1.5 लाख रुपये तक में बेचता था। पुलिस का कहना है कि हाल में एक PAC जवान और उसके साथी ने भी हत्या की नीयत से इसी नेटवर्क से पिस्टल खरीदी थी।
बिहार में खरीदारों की तलाश जारी
श्रेयांश यादव और अन्य आरोपियों से पूछताछ के अलावा उनके मोबाइल डेटा और बैंक खातों की जांच की जा रही है। एसटीएफ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिहार में नेटवर्क किन लोगों तक पहुंचा था और कथित तौर पर कितने खरीदार इससे जुड़े थे।
नोट: लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध और नेटवर्क में आरोपियों की भूमिका पुलिस के दावों पर आधारित है। मामले की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।




