पटना, 8 सितंबर 2026 : बिहार पुलिस में तबादले के मामले में अब कोई मनमानी नहीं चलेगी। इस बीच बिहार पुलिस में तबादले को लेकर एक बड़ी नीति में बदलाव किया गया है। सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के करीब 1.31 लाख पुलिसकर्मियों के लिए नई ट्रांसफर पॉलिसी पर सहमति बन गई है। अब जिला, रेंज और जोन स्तर पर तबादले का समय पहले की तुलना में बढ़ जाएगा। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी विनय कुमार और दोनों पुलिस संघों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में नई नीति को लेकर सहमति बनी है। इसके लागू होने के बाद हर साल जून में होने वाले बड़े पैमाने के तबादलों पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

6, 12 और 18 साल का होगा ट्रांसफर चक्र

नई नीति के मुताबिक अब एक जिले से दूसरे जिले में तबादला 6 साल के बाद होगा। पहले यह अवधि 5 साल थी। वहीं रेंज स्तर पर तबादले की अवधि 8 साल से बढ़ाकर 12 साल कर दी गई है। जोन स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब 10 साल की जगह 18 साल में जोन बदलने का प्रावधान होगा।

घर के करीब मिलेगी पोस्टिंग

नई ट्रांसफर पॉलिसी में पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग को लेकर भी राहत का प्रावधान किया गया है। रेंज बदलने की स्थिति में जवानों को उनके गृह जिले से सटे जिलों में पोस्टिंग देने को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पुलिसकर्मियों को बार-बार अपने घर से काफी दूर तैनाती मिलने की समस्या कम हो सकती है।

1.31 लाख पुलिसकर्मियों को होगा फायदा

नई नीति का दायरा सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के करीब 1.31 लाख पुलिसकर्मियों तक रहेगा। बिहार पुलिस एसोसिएशन और बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने इस फैसले का स्वागत किया है। बिहार में फिलहाल 40 पुलिस जिले, 12 रेंज और 4 जोन हैं।

पटना के जवान से समझें नया नियम

उदाहरण के तौर पर पटना का कोई पुलिसकर्मी सेंट्रल रेंज में तैनात है, जिसमें पटना और नालंदा शामिल हैं। यदि वह 12 साल तक इसी रेंज में रहता है, तो रेंज बदलने के बाद उसे गृह जिले के आसपास के जिलों में पोस्टिंग देने का प्रावधान होगा। इसी तरह कैमूर के किसी जवान को रेंज बदलने के बाद किशनगंज या पूर्णिया जैसे दूर के जिले में भेजने की स्थिति को कम करने की कोशिश की जाएगी।

नई नीति की बड़ी बातें

  • 1.31 लाख पुलिसकर्मी नई नीति के दायरे में।
  • हर साल जून में होने वाले बड़े तबादलों पर रोक।
  • जिला स्तर पर तबादला अब 6 साल में।
  • रेंज स्तर पर तबादला 12 साल में।
  • जोन स्तर पर तबादला 18 साल में।
  • रेंज बदलने पर गृह जिले से सटे जिलों में पोस्टिंग को प्राथमिकता।
  • बार-बार दूर-दराज के जिलों में तबादले की समस्या कम करने की कोशिश।

डीजीपी ने जवानों को सतर्क रहने को कहा

नई ट्रांसफर नीति पर सहमति के साथ डीजीपी विनय कुमार ने पुलिसकर्मियों को ड्यूटी और गश्ती के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। नई व्यवस्था से पुलिसकर्मियों को बार-बार होने वाले तबादलों से राहत मिलने की उम्मीद है।