पटना, 30 सितंबर 2026 : बिहार में उद्योग और रोजगार को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है। राज्य में जल्द दो जिले टेक्सटाइल हब बन जाएंगे। मालूम हो कि औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार टेक्सटाइल क्षेत्र पर काफी जोर दे रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुजफ्फरपुर और भागलपुर को प्रमुख टेक्सटाइल व मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इन दोनों जिलों में अलग-अलग औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर उद्योगों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकेंगे।
मुजफ्फरपुर में लेदर, फुटवियर और टेक्सटाइल पार्क
मुजफ्फरपुर में लेदर, फुटवियर और टेक्सटाइल आधारित पार्क विकसित किया जा रहा है। महबल में करीब 62.17 एकड़ क्षेत्र में मेगा लेदर और फुटवियर एक्सेसरीज पार्क तैयार किया जा रहा है। यहां बैग, फुटवियर, लेदर और टेक्सटाइल से जुड़े उत्पादन यूनिट स्थापित करने पर विशेष रूप से जोर दिया जा रहा है। मुजफ्फरपुर के बेला इंडस्ट्रियल एरिया और महबल में औद्योगिक शेड की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। इससे नए उद्यमों और विनिर्माण इकाइयों को जगह मिलने की संभावना है।
भागलपुर में सिल्क के साथ आधुनिक टेक्सटाइल उद्योग
भागलपुर को पारंपरिक रूप से सिल्क सिटी के नाम से जाना जाता है। अब यहां पारंपरिक सिल्क उद्योग को आधुनिक टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जोड़ने की तैयारी है। भागलपुर में सिल्क के साथ बैग, फुटवियर और होजरी निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में हाई स्पिरिट कमर्शियल वेंचर्स की करीब 43 हजार वर्गफुट की आधुनिक उत्पादन इकाई शुरू की गई है। इससे जहां रोजगार के मौके मिलेंगे वहीं प्रदेश की आर्थिक सेहत भी दुरुस्त होगी।
स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सरकार की इन औद्योगिक परियोजनाओं का उद्देश्य सिर्फ उत्पादन इकाइयां स्थापित करना नहीं है। इनके जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार, कौशल विकास और सहायक उद्योगों का नेटवर्क तैयार करने पर भी जोर है। मुजफ्फरपुर की औद्योगिक और भौगोलिक स्थिति तथा भागलपुर की पारंपरिक टेक्सटाइल पहचान को देखते हुए दोनों क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को बिहार के साथ पड़ोसी राज्यों और नेपाल-भूटान के बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।
गया और बिहटा में भी औद्योगिक परियोजनाओं पर काम
बिहार में औद्योगिक विस्तार की योजना केवल मुजफ्फरपुर और भागलपुर तक सीमित नहीं है। गया के डोभी में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) के पहले चरण को अक्टूबर के मध्य तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, बिहटा में विकसित हो रहा ड्राईपोर्ट बिहार में निर्मित उत्पादों को देश के प्रमुख समुद्री बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे राज्य में उत्पादन और निर्यात से जुड़े औद्योगिक नेटवर्क को विस्तार देने में काफी मदद मिल सकती है।




