दिल्ली/पटना, 13 अगस्त 2026 : बिहार में सियासी उलटफेर की आहट सुनाई दे रही है। इस बीच पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने अपने दलों के नेताओं के साथ बैठक की तो उधर, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपने सांसदों के साथ बैठक की। इसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एक सीक्रेट मीटिंग की है। इस तरह बिहार की राजनीति में बैठकों का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। दिल्ली में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने अपनी-अपनी पार्टी के नेताओं के साथ अहम बैठकें कीं। वहीं, पटना में कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भाजपा कोटे के मंत्रियों के साथ अलग से बैठक की। इस घटनाक्रम ने बिहार के सियासी गलियारों में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
दिल्ली में नीतीश कुमार ने सांसदों के साथ किया मंथन
दिल्ली स्थित आवास पर जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने पार्टी सांसदों के साथ बैठक की। इस दौरान बिहार से जुड़े विकास कार्यों और संसद में उठाए जा रहे मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा समेत कई वरिष्ठ सांसद मौजूद रहे। बैठक में सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। साथ ही बिहार के हित से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रभावी तरीके से उठाने पर भी चर्चा हुई।
नीतीश की बैठक के बीच तेजस्वी यादव भी एक्टिव
इसी दौरान आरजेडी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ बैठक की। इसमें बिहार के मौजूदा राजनीतिक हालात, जनहित के मुद्दों और पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। नीतीश और तेजस्वी की बैठकों का समय लगभग एक ही दौर में होने से बिहार की राजनीति पर नजर रखने वालों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।
पटना में सम्राट चौधरी की 'सीक्रेट' मीटिंग
दिल्ली की बैठकों के बाद पटना में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक खत्म होने के बाद बीजेपी कोटे के मंत्रियों को उनके आवास पर बुलाया गया। खास बात यह रही कि इस बैठक में एनडीए के सहयोगी दलों के मंत्रियों को शामिल नहीं किया गया। यह बैठक बंद कमरे में हुई और इसके बाद कुछ मंत्री मीडिया से बचते हुए पिछले दरवाजे से बाहर निकलते नजर आए। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में इसके मकसद को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
बांकीपुर नतीजे के बीच बढ़ी राजनीतिक हलचल
बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों के बीच नेताओं की इन बैठकों को और भी अहम माना जा रहा है। बिहार की राजनीति में संभावित नए समीकरणों और सत्ता पक्ष की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, फिलहाल इन बैठकों को किसी बड़े राजनीतिक बदलाव से सीधे जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मगर अंदर ही अंदर कुछ तो जरूर चल रहा है और इसकी आहट भी सुनाई दे रही है।
भाई वीरेंद्र बोले- 'बड़ी खिचड़ी पक रही है'
आरजेडी के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने सम्राट चौधरी की बीजेपी मंत्रियों के साथ हुई बैठक पर तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि बिहार के राजनीतिक गलियारे में कुछ बड़ा चल रहा है। उनके मुताबिक, आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बैठक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा थी, तो एनडीए के दूसरे सहयोगी दलों के मंत्रियों को इससे अलग क्यों रखा गया। फिलहाल बिहार की सियासत में बैठकों का यह सिलसिला क्या नया राजनीतिक संदेश देता है, यह आने वाले दिनों में ही जरूर साफ हो जाएगा।




