पटना, 12 अगस्त 2026 : बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि 15 अगस्त 2026 से रात 11 बजे तक ऑनलाइन क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत अगर किसी छात्र को रात में पढ़ाई से जुड़ी कोई परेशानी होती है या किसी विषय को समझने में दिक्कत आती है, तो वह ऑनलाइन शिक्षक से जुड़कर मदद ले सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा पटना के LNMI में आयोजित AAGAAZ 2026 कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि बिहार स्कूल लाइव क्लासेस की मौजूदा व्यवस्था को और विस्तार दिया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए ज्यादा डिजिटल सुविधाएं मिल सकें।
रात 11 बजे तक Online रहेंगे शिक्षक
सम्राट चौधरी के मुताबिक 15 अगस्त से रात 11 बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था शुरू होगी। इसका उद्देश्य छात्रों को स्कूल के निर्धारित समय के बाद भी शिक्षकों से शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना है। इस व्यवस्था से खास तौर पर उन विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें घर पर पढ़ाई करते समय किसी सवाल या विषय को समझने में परेशानी होती है।
551 Model Schools में Smart Class और E-Library
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के 551 मॉडल स्कूलों का भी जिक्र किया। इन स्कूलों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। इन स्कूलों में छात्रों को मिलेंगी : Smart Class की सुविधा, Computer Lab, E-Library, आधुनिक तकनीक से पढ़ाई और डिजिटल शिक्षा की सुविधाएं। इन सुविधाओं का विशेष फोकस कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों पर रहेगा। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।
211 ब्लॉक में नहीं था Degree College
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में 211 ऐसे ब्लॉक चिह्नित किए गए थे, जहां डिग्री कॉलेज नहीं था। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार इन कॉलेजों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने का दावा
सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि नियमित कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए स्थायी शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उनके मुताबिक 10 अगस्त से शिक्षकों की ज्वाइनिंग भी शुरू हो चुकी है। बिहार सरकार का लक्ष्य आने वाले महीनों में कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को और कम करना है और पड़ाई को पटरी पर लाने की योजना है।
तीन महीने में स्थायी शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि अगले तीन महीने में सभी कॉलेजों में स्थायी शिक्षकों की बहाली पूरी कर दी जाए। सरकार का फोकस स्कूल शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे और शिक्षकों की उपलब्धता को मजबूत करने पर है।




