पटना, 8 सितंबर, 2026 : दिल्ली में हॉस्टल की इमारत गिरने की घटना के बाद बिहार सरकार भी एक्शन मोड में है। इस बीच सरकार ने राज्य में संचालित PG, लॉज और निजी हॉस्टलों की जांच तेज कर दी है। जांच के दौरान करीब 400 ऐसे संस्थानों की पहचान हुई है, जो बिना जरूरी रजिस्ट्रेशन के संचालित किए जा रहे हैं। इसके बाद बिहार सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे PG और हॉस्टल पर नजर

बिहार की एडीजी केएस अनुपम के मुताबिक, इस मामले में राज्य के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। पटना हाईकोर्ट के निर्देश के बाद PG, लॉज और हॉस्टलों की स्थिति की जांच के लिए मॉनिटरिंग टीम बनाई गई थी। टीम ने अलग-अलग जिलों में जाकर इन संस्थानों का निरीक्षण किया और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब बिना रजिस्ट्रेशन और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा रही है।

पटना में जर्जर लॉज और हॉस्टल बड़ी चिंता

पटना के बोरिंग रोड, कंकड़बाग, अशोक राजपथ और नया टोला जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इन इलाकों में कई पुराने और जर्जर भवनों में PG और लॉज संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में भवनों की सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और जरूरी मानकों की जांच छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

पटना में हजारों छात्रों के रहने का कारोबार

राज्य में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हैं और इनके आसपास PG, लॉज और हॉस्टल का बड़ा नेटवर्क विकसित हुआ है। मालूम हो कि पटना में BPSC, UPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बड़ी संख्या में छात्र निजी हॉस्टल और लॉज में रहते हैं। एक अनुमान के मुताबिक राजधानी पटना में छात्रों के लॉज और हॉस्टल से जुड़ा कारोबार सालाना करीब ₹1,500 से ₹2,000 करोड़ तक का है।

400 से ज्यादा संस्थान सरकार के रडार पर

जांच में सामने आए करीब 400 बिना रजिस्ट्रेशन वाले PG, लॉज और हॉस्टलों की सूची संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को भेजी गई है। जिन संस्थानों में जरूरी मानक पूरे हैं, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है, उन्हें नियमों के तहत जुर्माना लगाकर रजिस्ट्रेशन कराने का मौका दिया जा सकता है। वहीं, जो संस्थान सुरक्षा और अन्य निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

भवनों का सेफ्टी ऑडिट कराने पर जोर

बिहार सरकार ने हॉस्टल और लॉज की सुरक्षा को लेकर भवनों की जांच पर भी जोर दिया है। पुराने या जर्जर भवनों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए Building Safety Audit महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिलों में प्रशासन और पुलिस स्तर पर रजिस्ट्रेशन की जांच के साथ जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होने वाले PG, लॉज और हॉस्टलों पर कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।