पटना, 21 सितंबर 2026 : बिहार में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना को जमीन पर उतारने की तैयारी काफी तेज हो गई है। मालूम हो कि राज्य में कुल 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप प्रस्तावित हैं। अब दूसरे चरण में छह शहरों के लिए Town Planning Scheme तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए संबंधित इलाकों का ड्रोन और टोपोग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। इसके साथ ही भू-मालिकों की सूची, राजस्व रिकॉर्ड और जमीन के मौजूदा इस्तेमाल का पूरा डेटा भी जुटाया जाएगा।
छह शहरों में बनेगी Greenfield Satellite Township
दूसरे चरण में जिन छह शहरों के लिए टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार की जाएगी, उनमें दरभंगा, सहरसा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मुंगेर और सोनपुर शामिल हैं। इनके लिए प्रस्तावित टाउनशिप के नाम क्रमशः मिथिला टाउनशिप, कोसी टाउनशिप, तिरहुत टाउनशिप, पूर्णिया टाउनशिप, अंग टाउनशिप और हरिहरनाथपुरम टाउनशिप हैं। योजना को बिहार टाउन प्लानिंग स्कीम नियमावली, 2025 और बिहार अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट, 2012 के प्रावधानों के आधार पर तैयार किया जाएगा।
पहले होगा जमीन का हाईटेक सर्वे
टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार करने से पहले संबंधित क्षेत्र का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए कैडेस्ट्रल मैप, बेस मैप और टोपोग्राफिक सर्वे तैयार किया जाएगा। सर्वे में ड्रोन और Total Station जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होगा। जमीन के खाता-खसरा नंबर, क्षेत्रफल, चौहद्दी और वर्तमान मालिकाना हक का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। जमीन का मौजूदा इस्तेमाल भी दर्ज किया जाएगा।
Landowners की बनेगी पूरी लिस्ट
सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन जुटाने में Land Pooling को प्राथमिकता दी जानी है। इसलिए संबंधित भू-मालिकों का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा। इसमें राजस्व रिकॉर्ड, खसरा नंबर, जमीन का रकबा और जमाबंदी की जानकारी शामिल होगी। सर्वे से मिले आंकड़ों का राजस्व रिकॉर्ड और जमाबंदी से मिलान किया जाएगा। इससे जमीन के स्वामित्व और रकबे से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
सड़क से लेकर तालाब और नाले तक होगी मैपिंग
सर्वे के दौरान मौजूदा सड़क नेटवर्क की भी मैपिंग होगी। इसमें नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, जिला सड़क, पहुंच पथ, निजी सड़क और पैदल रास्ते शामिल होंगे। इसके अलावा डिवाइडर, बस स्टॉप और ट्रैफिक से जुड़ी सुविधाओं का भी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। तालाब, झील, कुएं, नहर, पानी की टंकी और जल निकासी व्यवस्था को भी मैप किया जाएगा।
तय होगा जमीन का इस्तेमाल
Town Planning Scheme में यह तय किया जाएगा कि अलग-अलग जमीन का इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाएगा। सड़क, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय क्षेत्रों और अन्य जरूरी शहरी सुविधाओं के लिए जमीन का इस्तेमाल योजना के अनुसार तय किया जाएगा। भविष्य की आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क, पार्क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जगह निर्धारित की जाएगी।
सलाहकार एजेंसी तैयार करेगी पूरी योजना
नगर विकास एवं आवास विभाग इसके लिए सलाहकार एजेंसी का चयन करेगा। एजेंसी टाउनशिप का नक्शा तैयार करने के साथ-साथ भूमि उपयोग और विकास की पूरी रूपरेखा तैयार करने में मदद करेगी। एजेंसी सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के आकलन में भी सहयोग करेगी। रिपोर्टों के मुताबिक, विभाग ने मई 2026 में एजेंसी चयन के लिए निविदा जारी की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से दोबारा निविदा जारी की गई है।
जमीन मालिकों से भी होगा संवाद
बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के लिए सरकार की ओर से Land Pooling, जमीन की खरीद, आपसी समझौता और जरूरत पड़ने पर Hybrid Model जैसे विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है। अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने जमीन मालिकों और रैयतों के साथ संवाद बढ़ाने पर जोर दिया है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद छह प्रस्तावित टाउनशिप के लिए जमीन के इस्तेमाल, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और भविष्य के शहरी विकास का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।




