पटना | 10 जुलाई 2026

बिहार सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब राज्य के किसानों को कृषि फीडरों के माध्यम से सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस नई व्यवस्था से किसानों को रात में खेतों की सिंचाई के लिए जागने की जरूरत नहीं पड़ेगी और खेती का काम अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो सकेगा।

डीजल खर्च में होगी बचत, खेती होगी आसान

सरकार का मानना है कि दिन के समय नियमित बिजली मिलने से किसानों की सिंचाई लागत में कमी आएगी। डीजल पंपों के उपयोग की आवश्यकता घटेगी, जिससे किसानों का अतिरिक्त खर्च बचेगा। साथ ही रात के समय खेतों में जाने से जुड़े जोखिम भी कम होंगे। यह फैसला कृषि क्षेत्र को अधिक सुविधाजनक और ऊर्जा दक्ष बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर सरकार का फोकस

यह घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित लोक सेवक आवास में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद की। बैठक में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने बिहार में सौर ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत रोडमैप पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए बिहार को तेजी से ग्रीन एनर्जी की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

पेंशन योजना का भी किया उल्लेख

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक माह की 10 तारीख को लाभार्थियों के खातों में पेंशन राशि भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। उन्होंने बताया कि विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 97.84 लाख लाभार्थियों के खातों में 1,423.94 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक पात्र लाभार्थी को 1,100 रुपये की सहायता राशि दी गई।