पटना, 17 सितंबर 2026 : बिहार में जमीन और राजस्व से जुड़े कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अंचल कार्यालयों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। राज्य के 537 अंचल कार्यालयों को हाईटेक सर्विलांस सिस्टम से जोड़ने की तैयारी है। इसके तहत कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और निगरानी के लिए पटना में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था की जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की इस पहल का उद्देश्य दाखिल-खारिज, परिमार्जन, जमीन की मापी और अन्य राजस्व सेवाओं में शिकायतों तथा अनियमितताओं पर नजर रखना है। विभाग पहले भी अंचल कार्यालयों में CCTV और रिमोट मॉनिटरिंग की तकनीकी व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है।

अंचल कार्यालयों में लगेंगे CCTV कैमरे

नई व्यवस्था के तहत अंचल कार्यालयों के महत्वपूर्ण हिस्सों में CCTV कैमरे लगाए जाने हैं। इनमें दाखिल-खारिज काउंटर, अभिलेखागार, CO और राजस्व कर्मियों के कार्यस्थल तथा कार्यालय के प्रवेश और निकास द्वार जैसे स्थान शामिल होंगे। कैमरों की रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के लिए लोकल स्टोरेज के साथ बैकअप व्यवस्था पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसी शिकायत या विवाद की स्थिति में संबंधित समय की गतिविधियों की जांच की जा सकेगी।

पटना से होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग

CCTV सिस्टम को नेटवर्क के जरिए केंद्रीय निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। पहले जारी विभागीय तकनीकी निर्देशों के मुताबिक अंचल कार्यालयों की निगरानी पटना स्थित केंद्रीय कमांड सेंटर से की जा सकती है। अधिकारियों को मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यमों से लाइव फीड देखने की सुविधा भी दी जा सकती है। इस व्यवस्था का मकसद केवल कैमरे लगाना नहीं, बल्कि अंचल स्तर पर कामकाज की निगरानी को एक केंद्रीकृत सिस्टम से जोड़ना है।

दाखिल-खारिज और जमीन के मामलों पर खास नजर

अंचल कार्यालयों में बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, जमाबंदी, परिमार्जन, LPC और जमीन की मापी जैसे कामों के लिए पहुंचते हैं। बिहार राजस्व विभाग पहले से कई सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है, जिनमें ऑनलाइन म्यूटेशन, LPC, भू-लगान और जमाबंदी की स्थिति देखने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। CCTV निगरानी और डिजिटल सेवाओं को साथ जोड़ने का उद्देश्य कार्यालय आने वाले लोगों और कर्मचारियों दोनों के लिए प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है।

शिकायत मिलने पर फुटेज से होगी जांच

अगर किसी अंचल कार्यालय में काम में देरी, संदिग्ध गतिविधि या किसी कर्मचारी के व्यवहार को लेकर शिकायत आती है, तो CCTV फुटेज जांच में मदद कर सकती है। खास तौर पर यह देखा जा सकेगा कि संबंधित कार्यालय में कौन-कौन मौजूद था और शिकायत से जुड़ी घटना के समय वहां क्या गतिविधियां हुईं। हाल के दिनों में राजस्व मामलों में अनियमितताओं को लेकर विभाग ने कार्रवाई भी की है। 16 सितंबर को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नौ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में विभागीय कार्रवाई की जानकारी दी थी। इनमें म्यूटेशन, सरकारी जमीन की जमाबंदी और अन्य प्रक्रियागत अनियमितताओं से जुड़े आरोप शामिल थे।

संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई का प्रावधान

नई निगरानी व्यवस्था के जरिए अगर किसी मामले में अनियमितता सामने आती है या किसी फाइल को बिना उचित कारण लंबित रखने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जा सकती है। राजस्व विभाग की ओर से ऑनलाइन सेवाओं को तेज करने और लंबित मामलों के जल्द निपटारे पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।

जमीन के रिकॉर्ड सुधारने के लिए भी अभियान

CCTV निगरानी के साथ बिहार में जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए भी अभियान चलाने की तैयारी है। सितंबर 2026 में विभाग ने 45 दिन के विशेष अभियान के तहत जमाबंदी रिकॉर्ड में खाता, खेसरा, प्लॉट और रैयत के नाम से जुड़ी गड़बड़ियों को ठीक करने की जानकारी दी है। जरूरत पड़ने पर भूमि मापी भी कराई जाएगी। इस तरह CCTV निगरानी, ऑनलाइन राजस्व सेवाओं और रिकॉर्ड सुधार अभियान के जरिए अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली को अधिक डिजिटल और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया जा रहा है।