पटना, 14 अगस्त 2026 : बिहार की राजधानी पटना में खेलों को नई पहचान देने की तैयारी है। पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में करीब 651 एकड़ जमीन पर वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने का एक प्रस्ताव है। इस परियोजना में 60 हजार दर्शकों की क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, खिलाड़ियों के लिए आवासीय परिसर, इंडोर-आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और आधुनिक गोल्फ कोर्स जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बिहार में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी योजना सामने आई है। पटना के पुनपुन प्रखंड के डुमरी इलाके में पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के तहत 651 एकड़ क्षेत्र में स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने की योजना है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस परियोजना के लिए जमीन प्रस्तावित की है। योजना को अहमदाबाद की स्पोर्ट्स सिटी की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य बिहार में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के लिए आधुनिक सुविधाएं तैयार करना है।

60 हजार दर्शकों की क्षमता वाला क्रिकेट स्टेडियम

प्रस्तावित स्पोर्ट्स सिटी का सबसे बड़ा आकर्षण करीब 60 हजार दर्शकों की क्षमता वाला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम होगा। स्टेडियम को इस तरह विकसित करने की योजना है कि यहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के साथ बड़े घरेलू टूर्नामेंट और IPL जैसे आयोजनों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हों। स्टेडियम की योजना में आधुनिक दर्शक सुविधाओं के साथ खिलाड़ियों और आयोजन से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाओं को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। अहमदाबाद की स्पोर्ट्स सिटी का अध्ययन किया गया है। हाल में खेल निदेशक आरिफ हसन ने दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था।

500 खिलाड़ियों के लिए बनेगा आवासीय परिसर

स्पोर्ट्स सिटी में करीब 500 खिलाड़ियों के लिए आवासीय परिसर विकसित करने की योजना है। यहां अलग-अलग खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रस्तावित योजना में क्रिकेट के अलावा—एथलेटिक्स, गोल्फ, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती जैसे खेलों को भी शामिल किया गया है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और रहने की सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

स्पोर्ट्स सिटी में अस्पताल की सुविधा

परियोजना में खिलाड़ियों की स्वास्थ्य जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। स्पोर्ट्स सिटी परिसर के भीतर ही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे खिलाड़ियों को नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ आपात स्थिति में भी तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

651 एकड़ में अलग-अलग हिस्सों में होगा विकास

प्रस्तावित 651 एकड़ भूमि को अलग-अलग खेल सुविधाओं के लिए विकसित करने की योजना है। 225 एकड़ क्षेत्र में मुख्य स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने का प्रस्ताव है। वहीं 239 एकड़ में वर्ल्ड क्लास इंडोर और आउटडोर खेल परिसर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा करीब 187 एकड़ भूमि में अत्याधुनिक गोल्फ कोर्स विकसित करने की योजना है। इस तरह पूरी परियोजना में क्रिकेट से लेकर एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन और गोल्फ तक कई खेलों के लिए एकीकृत सुविधाएं तैयार की जाएंगी।

ओलंपिक और कॉमनवेल्थ के मानकों पर फोकस

स्पोर्ट्स सिटी की योजना तैयार करते समय ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के मानकों को ध्यान में रखने की बात कही गई है। योजना का उद्देश्य भविष्य में बिहार को किसी बड़े राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी मिलने पर नए सिरे से बुनियादी ढांचा तैयार करने की जरूरत को कम करना है। परियोजना के लिए विस्तृत DPR यानी Detailed Project Report तैयार कराई जाएगी। इसके लिए विश्वस्तरीय संस्था की मदद लेने की योजना है।

पटना को मिल सकता है बिहार का नया स्पोर्ट्स हब

अगर प्रस्तावित योजना धरातल पर उतरती है तो पटना में एक ऐसा खेल परिसर तैयार हो सकता है, जहां क्रिकेट के साथ कई अन्य खेलों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मौजूद होंगी। 60 हजार दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम बिहार में बड़े क्रिकेट आयोजनों की संभावनाओं को बढ़ा सकता है। वहीं खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण, आवास व चिकित्सा सुविधाओं का एक ही परिसर में होना राज्य के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा दे सकता है। मगर परियोजना के अंतिम स्वरूप, निर्माण की समयसीमा और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी DPR और आगे की सरकारी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।