आरा, भोजपुर 15 अक्टूबर 2026 : बिहार के भोजपुर जिले के आरा से एक बड़ी खबर सामने आई है। कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह (67) की गुरुवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, अपराधियों ने उन पर करीब आठ गोलियां चलाईं। बाद में गंभीर हालत में उन्हें आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सपना सिनेमा मोड़ के पास शव रखकर आरा-पटना मुख्य सड़क जाम कर दिया। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही लोगों को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मॉर्निंग वॉक पर निकलने की तैयारी के दौरान हमला
राम कुमार सिंह वर्ष 2015 में भागलपुर से कस्टम विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पद से रिटायर हुए थे। वे बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे। परिजनों के मुताबिक, वह रोज सुबह अपने बेटे राजेश कुमार सिहं के साथ टहलने जाते थे। गुरुवार सुबह घर से निकलते समय, जब वह गैरेज का गेट बंद कर रहे थे, तभी तीन हथियारबंद बदमाशों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। हालांकि उस समय उनका बेटा कार में ही मौजूद था। मगर वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
जमीन विवाद में हत्या की आशंका
मृतक के बेटे राजेश कुमार सिंह ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है। उनके अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के सिंगही मोड़ के पास उनके पिता ने उनके नाम पर 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी। आरोप है कि कुछ लोगों ने उस जमीन पर कब्जा करने की भरपूर कोशिश की थी और इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की गई थी। परिवार का दावा है कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी राम कुमार सिंह को धमकियां मिली थीं और उन पर हमला करने की कोशिश हुई थी। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पत्नी ने भू-माफिया और अधिकारियों पर लगाए आरोप
राम कुमार सिंह की पत्नी सुशीला देवी ने आरोप लगाया है कि जमीन को लेकर पहले से विवाद चल रहा था और कुछ लोग कथित तौर पर फर्जी कागजात के जरिए जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पत्नी ने कुछ स्थानीय लोगों के साथ-साथ मुफस्सिल थानाध्यक्ष और अंचलाधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी
घटना की सूचना मिलने के बाद भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित, एसडीपीओ-1 सुशील कुमार और अन्य पुलिस टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों से जानकारी लेकर जांच शुरू की है। रिपोर्ट के अनुसार मामले में एक पत्रकार मनोज लक्की को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई है। उनकी भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर आधिकारिक पुष्टि तथा जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। दिनदहाड़े हुई इस हत्या के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस के सामने अब हमलावरों की पहचान, हत्या के कारण और जमीन विवाद से जुड़े आरोपों की जांच एक बड़ी चुनौती है।




