पटना, 7 अगस्त 2026 : बिहार में गंगा, कोसी, गंडक और पुनपुन समेत कई नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस बीच नदियों के उफान से कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अब तक अलग-अलग घटनाओं में 20 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, गंगा के किनारे बसे 12 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ के कारण कई जगह बांध और रिंग बांध टूट गए हैं, जबकि कुछ इलाकों में सड़कों और पुलों पर भी पानी चढ़ गया है। कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार में हालात लगातार चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। प्रदेश में बारिश से हालत खराब हो रही है।

किन जिलों में हुई मौतें ?

बाढ़ के पानी में डूबने से हुई मौतों में सारण में पांच, पटना में चार, भोजपुर में तीन, वैशाली और भागलपुर में दो-दो, जबकि बेगूसराय, पूर्णिया, लखीसराय और जमुई में एक-एक व्यक्ति की मौत बताई गई है। पटना के पुनपुन प्रखंड में एक मासूम बच्ची समेत तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि मनेर में भी एक व्यक्ति की जान चली गई है।

सारण में बांध टूटने से गांवों में घुसा पानी

सारण के दरियापुर प्रखंड की मुजौना पंचायत के सेमरहिया के पास माही नदी का बांध टूट गया है। इसके बाद आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया। मांझी के इमादपुर वीन टोलिया के पास दाहा नदी का रिंग बांध टूटने से भी पानी भर गया है। हाजीपुर शहर में भी बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर से मुंगेर-भागलपुर में चिंता

जल संसाधन विभाग के मुताबिक मुंगेर और भागलपुर में भी गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। संवेदनशील इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। गंगा के किनारे बसे बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर और कटिहार जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

कोसी-सीमांचल में भी बढ़ रहा खतरा

कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। मुंगेर, लखीसराय और भागलपुर में रिहायशी इलाकों तक पानी पहुंच गया है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर वर्ष 2021 के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है। अकबरनगर के भवनाथपुर के पास NH-80 पर भी पानी चढ़ गया। वहीं श्रीरामपुर रिंग बांध टूटने की सूचना है। पूर्णिया के अमौर प्रखंड में असियानी घाट के पास बना पुल भी ध्वस्त हो गया है। इस दौरान पुल पर मौजूद बालू लदा एक ओवरलोडेड ट्रक नदी में गिर गया।

अगले कुछ दिनों तक सतर्कता की जरूरत

जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी और पटना के गांधी घाट पर उच्च जलस्तर पार होने के बाद पानी का दबाव डाउनस्ट्रीम इलाकों में बढ़ सकता है। इसका असर अगले एक से तीन दिनों तक हथीदह और उसके बाद के डाउनस्ट्रीम गेज स्टेशनों पर दिखाई देने की संभावना जताई गई है। बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार के गंगा किनारे वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

पटना में पुनपुन नदी भी उफान पर

पटना के श्रीपालपुर में रविवार दोपहर दो बजे पुनपुन नदी का जलस्तर 53.45 मीटर दर्ज किया गया है। यह पिछले दिन की तुलना में 10 सेंटीमीटर अधिक था। पुनपुन का अब तक का उच्चतम जलस्तर वर्ष 1976 में 53.91 मीटर दर्ज किया गया था। दानापुर में गंगा का जलस्तर 52.63 मीटर दर्ज हुआ, जो वर्ष 2021 के पिछले उच्चतम स्तर 52.61 मीटर से 0.02 मीटर ऊपर है।

कोसी में बढ़ा पानी का डिस्चार्ज

सोन नदी के इंद्रपुरी बराज से पानी के डिस्चार्ज में कमी दर्ज की गई। रविवार दोपहर 2 बजे यहां से करीब 2.01 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं कोसी नदी के वीरपुर बराज से दोपहर 2 बजे करीब 1.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंडक नदी के वाल्मीकिनगर बराज से सुबह करीब 1.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया और दोपहर में जलस्तर स्थिर रहा। बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी और राहत-बचाव अभियान तेज कर दिया है।