पटना, 16 सितंबर 2026 : बिहार में जमीन के रिकॉर्ड से जुड़ी गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक मिशन मोड में चलाया जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य इस दौरान करीब 90 लाख जमाबंदियों को दुरुस्त करना है। बिहार में बड़ी संख्या में जमीन के डिजिटल रिकॉर्ड में नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा और लगान जैसी जानकारियों में त्रुटियां या कमियां सामने आती रही हैं। अभियान के दौरान इन रिकॉर्ड का मूल दस्तावेजों से मिलान कर जरूरी सुधार किया जाएगा। बिहार में लगभग साढ़े चार करोड़ जमाबंदियां दर्ज हैं। इनमें करीब 90 लाख जमाबंदियों में किसी न किसी तरह की त्रुटि अथवा जरूरी जानकारी की कमी बताई गई है। ऐसे रिकॉर्ड को अभियान के तहत प्राथमिकता के आधार पर जांचकर अपडेट किया जाएगा।
नाम, खाता-खेसरा और रकबा समेत इन रिकॉर्ड में होगा सुधार
अभियान के दौरान जमाबंदी में दर्ज रैयत का नाम, पिता का नाम, खाता संख्या, खेसरा संख्या, जमीन का रकबा और लगान जैसी जानकारियों का पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया जाएगा। यदि डिजिटल जमाबंदी और मूल जमाबंदी पंजी में अंतर मिलता है, तो नियमानुसार रिकॉर्ड में सुधार किया जाएगा। इसके अलावा शून्य रकबा, शून्य लगान या अन्य जरूरी जानकारी के अभाव वाले रिकॉर्ड को भी दुरुस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मृत व्यक्ति के नाम दर्ज जमाबंदी भी होगी अपडेट
कई मामलों में जमीन की जमाबंदी अब भी ऐसे लोगों के नाम दर्ज है जिनकी मृत्यु हो चुकी है। अभियान के दौरान ऐसे मामलों की भी पहचान की जाएगी। राजस्व कर्मचारियों की ओर से वैध उत्तराधिकारियों की वंशावली तैयार कर नियमानुसार उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे रिकॉर्ड को वर्तमान वैध भूमि मालिकों के नाम पर अपडेट करने में मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिए निर्देश
अभियान को समय पर पूरा कराने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारियों और प्रमंडलीय आयुक्तों को अभियान की निगरानी करने को कहा गया है, जबकि अंचल स्तर पर CO को प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश है। सरकार की कोशिश है कि तय समय सीमा के भीतर अधिक से अधिक जमाबंदियों की जांच और सुधार का काम पूरा किया जा सके।
जमीन मालिकों को क्या होगा फायदा ?
जमीन के रिकॉर्ड में सुधार होने से भूमि मालिकों को कई कामों में सुविधा मिलने की उम्मीद है। सही जमाबंदी रिकॉर्ड से रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज, बैंक लोन और उत्तराधिकार नामांतरण जैसी प्रक्रियाओं में रिकॉर्ड संबंधी दिक्कतें कम हो सकती हैं। इसके साथ ही जमीन से जुड़े विवादों को कम करने और भूमि सर्वे की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में भी अपडेटेड रिकॉर्ड उपयोगी साबित हो सकते हैं।
बिहार में जमीन की जमाबंदी सुधार अभियान: जरूरी बातें
- अभियान की शुरुआत: 15 सितंबर 2026
- अभियान की अंतिम तारीख: 31 अक्टूबर 2026
- लक्ष्य: करीब 90 लाख जमाबंदियों में सुधार
- कुल दर्ज जमाबंदियां: करीब 4.5 करोड़
- निगरानी: DM और प्रमंडलीय आयुक्त
- अंचल स्तर पर निगरानी: CO
- प्रमुख सुधार: नाम, पिता का नाम, खाता, खेसरा, रकबा और लगान
- मृत व्यक्ति के नाम दर्ज जमाबंदी में उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया भी होगीs




