पटना, 11 सितंबर 2026 : बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। चुनाव में चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के संभावित उम्मीदवारों ने अभी से अपने-अपने क्षेत्रों में संपर्क अभियान तेज कर दिया है। हालांकि चुनाव की आधिकारिक घोषणा और उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर का इंतजार है। इस बीच जदयू, भाजपा, कांग्रेस, वाम दलों और अन्य राजनीतिक संगठनों की ओर से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
किन 8 सीटों पर होना है चुनाव ?
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव प्रस्तावित है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र:
- पटना स्नातक
- तिरहुत स्नातक
- दरभंगा स्नातक
- कोसी स्नातक
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र:
- पटना शिक्षक
- सारण शिक्षक
- तिरहुत शिक्षक
- दरभंगा शिक्षक
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार का नाम
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू के नीरज कुमार एक बार फिर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी की ओर से उनके नाम पर तैयारी की जा रही है। पिछले चुनाव में नीरज कुमार के खिलाफ आजाद गांधी ने चुनाव लड़ा था। अब आजाद गांधी के भाजपा में शामिल होने के बाद इस सीट का राजनीतिक समीकरण भी बदल सकता है। वहीं पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव एक बार फिर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। बताया जा रहा है कि वह लगातार शिक्षकों के संपर्क में हैं और अभी से प्रचार में जुट गए हैं।
तिरहुत स्नातक सीट पर मुकाबला रोचक होने के आसार
तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार भी मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। देवेश चंद्र ठाकुर के सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में जदयू के अभिषेक झा को शिक्षक नेता बंशीधर बृजवासी से हार का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर अभिषेक झा के जदयू उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की चर्चा है। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाकपा के संजय कुमार सिंह के लगातार तीसरी बार चुनाव मैदान में उतरने की संभावना है। भाजपा की ओर से इस सीट के लिए अभी आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है।
दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस-जदयू के बीच मुकाबला ?
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भी इस बार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पिछले चुनाव में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने जदयू के दिलीप चौधरी को हराया था। इस बार भी मदन मोहन झा अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय बताए जा रहे हैं। वहीं जदयू की ओर से दिलीप चौधरी के नाम की चर्चा भी जारी है।
सारण शिक्षक सीट पर कौन-कौन दावेदार ?
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव में आफाक अहमद को जीत मिली थी। उन्हें जन सुराज का समर्थन प्राप्त था। इस सीट से लंबे समय तक वाम दल से जुड़े केदार पांडे चुनाव जीतते रहे। उनके निधन के बाद उनके बेटे ने चुनाव लड़ा, मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में आनंद पुष्कर जदयू में शामिल हो गए। ऐसे में इस बार उनके चुनाव मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है।
वाम दलों ने भी कसी कमर
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर वाम दलों ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है। जानकारी के मुताबिक भाकपा तिरहुत शिक्षक सीट से संजय सिंह और सारण शिक्षक सीट से विद्या सागर विद्यार्थी को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में है। वहीं माकपा दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से रामदेव राय को फिर से मैदान में उतार सकती है। पिछली बार रामदेव राय कांग्रेस के मदन मोहन झा से महज 330 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए थे। इसके अलावा भाकपा माले भी पहली बार एक स्नातक और एक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी में है। पार्टी ने अपने संभावित उम्मीदवारों को लेकर मुख्य विपक्षी दल राजद को भी जानकारी देने की बात कही है।
उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल इन सभी नामों को संभावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है। भाजपा, जदयू और अन्य दलों की ओर से अंतिम उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। विधान परिषद की इन आठ सीटों का चुनाव बिहार की राजनीति में इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि चुनावी नतीजे आने वाले समय में एनडीए, महागठबंधन और वाम दलों की राजनीतिक स्थिति पर असर डाल सकते हैं।




