पटना, 17 सितंबर 2026। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से ₹7,000 की अंतरिम राहत राशि दी जा रही है। 15 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आठ लाख 27 हजार 472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से कुल ₹579.23 करोड़ की आनुग्रहिक सहायता राशि ट्रांसफर की। हालांकि बाढ़ प्रभावित सभी परिवारों को अब तक यह सहायता राशि नहीं मिली है। ऐसे परिवारों के लिए लाभ से जुड़े विवरण और सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जिन पात्र परिवारों का नाम अभी लाभार्थी सूची में शामिल नहीं हुआ है, वे स्थानीय स्तर पर आवेदन कर सकते हैं।

₹7,000 की राशि किन परिवारों के लिए है ?

यह सहायता बाढ़ से प्रभावित पात्र परिवारों के लिए है। राज्य सरकार की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक पहली चरण की DBT सहायता में 8,27,472 परिवारों को ₹7,000 प्रति परिवार की दर से राशि भेजी गई है। बिहार सरकार ने अधिकारियों को लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए हैं।

जिन परिवारों को पैसा नहीं मिला, वे क्या करें ?

उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार, यदि कोई पात्र बाढ़ प्रभावित परिवार सहायता राशि से छूट गया है तो वह स्थानीय प्रशासन के माध्यम से अपना आवेदन और जरूरी जानकारी उपलब्ध करा सकता है। आवेदन के लिए संबंधित परिवार अपने पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव या वार्ड सदस्य से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा संबंधित अंचल कार्यालय (CO Office) या जिला स्तर की आपदा शाखा में भी जानकारी ली जा सकती है। आवेदन देने से पहले अपने क्षेत्र में चल रही स्थानीय प्रशासन की प्रक्रिया और दस्तावेजों की आवश्यकता की पुष्टि करना जरूरी है।

आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी ?

आवेदन के समय सामान्य तौर पर ये दस्तावेज मांगे जा सकते हैं:

  • परिवार के मुखिया का आधार कार्ड
  • चालू मोबाइल नंबर
  • बैंक खाते की कॉपी/पासबुक
  • राशन कार्ड, यदि उपलब्ध हो
  • बाढ़ से प्रभावित होने से संबंधित स्थानीय स्तर पर मांगी गई जानकारी

सबसे जरूरी बात यह है कि बैंक खाते की जानकारी और आधार से जुड़ी जानकारी सही हो, ताकि DBT के समय भुगतान में परेशानी न हो।

आवेदन के बाद क्या होगा ?

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित स्तर पर लाभार्थी की जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पात्र परिवार का विवरण आपदा राहत से जुड़े सरकारी रिकॉर्ड/पोर्टल में दर्ज किया जा सकता है।सत्यापन के बाद पात्रता पूरी होने पर सहायता राशि सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी।बिहार सरकार की आपदा राहत व्यवस्था में प्रभावित परिवारों का डेटा आपदा प्रबंधन से जुड़े डिजिटल सिस्टम के जरिए दर्ज और सत्यापित किया जाता है।

15 जिलों में बाढ़ का असर

16 सितंबर को बिहार सरकार ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण किया। सरकार ने कहा कि ₹7,000 की अंतरिम सहायता के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने पर किसानों और अन्य प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। बाढ़ के कारण राज्य के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है। राहत एवं बचाव कार्यों में NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात हैं।

आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

1. बैंक खाता सही दें : गलत खाता संख्या या बैंक विवरण से DBT में परेशानी हो सकती है।

2. मोबाइल नंबर चालू रखें : आवेदन में दिए गए नंबर पर प्रशासनिक जानकारी या संपर्क आ सकता है।

3. आधार की जानकारी जांचें : परिवार के मुखिया की जानकारी सही होना जरूरी है।

4. स्थानीय प्रशासन से पुष्टि करें : आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख और अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत अपने पंचायत/अंचल कार्यालय से जरूर पूछें।

5. किसी को पैसे न दें : सरकारी राहत के आवेदन या सत्यापन के नाम पर यदि कोई अवैध रकम मांगता है तो संबंधित प्रशासन को इसकी सूचना दें।

₹7,000 की सहायता राशि का भुगतान सरकार ने पात्र बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए शुरू किया है। 15 सितंबर को 8,27,472 परिवारों को कुल ₹579.23 करोड़ DBT के माध्यम से जारी किए गए थे। इसलिए सिर्फ बाढ़ प्रभावित होने के आधार पर हर व्यक्ति को स्वतः भुगतान मिलना जरूरी नहीं है; पात्रता और स्थानीय सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है।