पटना, 1 अक्टूबर 2026 : बिहार में सितंबर 2026 के दौरान आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance) ने आय से अधिक संपत्ति के मामलों में एक बड़ी कार्रवाई की है। पांच अलग-अलग मामलों में छह अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार इन मामलों में करीब 9.38 करोड़ रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति सामने आई है। तलाशी के दौरान जमीन, मकान, फ्लैट, बैंक खाते, निवेश, आभूषण और नकदी से जुड़े दस्तावेज मिले। सबसे बड़ी नकद बरामदगी ADM (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी से जुड़े ठिकानों से बताई गई, जहां करीब 79 से 80 लाख रुपये कैश मिलने की जानकारी है।

आनंद कुमार विभूति के ठिकानों पर EOU की रेड

आठ सितंबर 2026 को EOU ने दरभंगा के बहादुरपुर प्रखंड के BDO आनंद कुमार विभूति से जुड़े पांच ठिकानों पर छापेमारी की। EOU की शुरुआती जांच के मुताबिक, उन पर अपनी ज्ञात और वैध आय से करीब 1.71 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 121 प्रतिशत अधिक बताई गई। तलाशी में परिवार से जुड़े 16 भूखंडों के दस्तावेज, करीब 70 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड निवेश, बैंक खातों, वाहन, आभूषण और मकान से संबंधित कागजात मिले। पूर्वी चंपारण में करीब 70 लाख रुपये की लागत से बने मकान का भी उल्लेख सामने आया है।

अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के यहां छापा

16 सितंबर को Vigilance Investigation Bureau ने भवन निर्माण विभाग के पूर्णिया डिवीजन में तैनात अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के पटना और पूर्णिया स्थित तीन ठिकानों पर छापेमारी की। प्रारंभिक जांच में करीब 1.97 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति का आरोप लगाया गया, जिसका उनकी ज्ञात आय से पूरा मिलान नहीं होता। तलाशी के दौरान पटना स्थित बहुमंजिला मकान, जमीन, बैंक खाते, निवेश और अन्य अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। रिपोर्टों के अनुसार, मकान में लिफ्ट और सोलर पैनल जैसी सुविधाएं भी हैं।

कमलेश कुमार के यहां 4.70 करोड़ की संपत्तियों के दस्तावेज

22 सितंबर को EOU ने बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक, तकनीकी कमलेश कुमार के पटना और वैशाली स्थित चार ठिकानों पर छापेमारी की। EOU के मुताबिक, कमलेश कुमार पर अपनी ज्ञात आय से करीब 3.12 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 103.30 प्रतिशत अधिक बताई गई। तलाशी के दौरान करीब 4.70 करोड़ रुपये मूल्य की 12 अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले। इनमें जमीन, मकान और फ्लैट शामिल हैं। इसके अलावा कमलेश कुमार और उनके करीबी परिजनों से जुड़े 16 बैंक खातों में करीब 25.86 लाख रुपये फ्रीज किए गए। आभूषण, लग्जरी वाहन और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आए।

रविंद्र दिवाकर और कुमारी स्वीटी के यहां 80 लाख कैश

28 सितंबर को Vigilance ने पटना के ADM (सप्लाई) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी कुमारी स्वीटी, जो दानापुर की जिला अवर निबंधक हैं, से जुड़े पटना और बेगूसराय के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पति-पत्नी की ज्ञात आय और संपत्ति के बीच करीब 1.06 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया। तलाशी में करीब 79 से 80 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई। साथ ही करीब 52.60 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 48 महंगी घड़ियां भी मिलीं। सात अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले, जिनका दस्तावेजी मूल्य करीब 2.92 करोड़ रुपये बताया गया। यह मामला पति-पत्नी से जुड़ा संयुक्त मामला है, इसलिए संपत्ति के आंकड़े को दोनों के नाम पर अलग-अलग जोड़ना उचित नहीं होगा।

अमित कुमार गुप्ता के यहां EOU की कार्रवाई

30 सितंबर 2026 को EOU ने परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता के आरा और दानापुर स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। वह कैमूर के मोहनियां चेकपोस्ट से जुड़े बताए गए हैं।EOU के अनुसार, उन पर अपनी ज्ञात आय से करीब 1.49 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 148 प्रतिशत अधिक बताई गई। तलाशी के दौरान भोजपुर के अवधपुरी स्थित निजी आवास से 3 लाख रुपये नकद मिले। एक Tata Tiago इलेक्ट्रिक कार और जमीन की खरीद से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए। EOU के अनुसार, आरा, पटना और छपरा में अमित कुमार गुप्ता और उनके परिजनों के नाम पर 11 भूखंडों की खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। अवधपुरी में G+3 मकान, आरा में निर्माणाधीन मकान और पटना के साई वरदान सिटी में फ्लैट से जुड़े दस्तावेज भी जांच में सामने आए।

पांच मामलों में छह अधिकारी जांच के घेरे में

सितंबर 2026 में हुई इन पांच कार्रवाइयों में कुल छह अधिकारियों के नाम सामने आए हैं—

  • आनंद कुमार विभूति — BDO, बहादुरपुर
  • सत्येंद्र कुमार चौधरी — अधीक्षण अभियंता, भवन निर्माण विभाग
  • कमलेश कुमार — महाप्रबंधक, तकनीकी, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम
  • रविंद्र कुमार दिवाकर — ADM (सप्लाई), पटना
  • कुमारी स्वीटी — जिला अवर निबंधक, दानापुर
  • अमित कुमार गुप्ता — प्रवर्तन अवर निरीक्षक, परिवहन विभाग

एजेंसियों द्वारा बताए गए आय से अधिक संपत्ति के आंकड़ों को जोड़ने पर करीब 9.38 करोड़ रुपये का आंकड़ा सामने आता है। हालांकि, यह सभी मामलों में लगाए गए आरोपों का संयुक्त आंकड़ा है और इसे अदालत द्वारा सिद्ध अवैध संपत्ति नहीं माना जा सकता।

सबसे ज्यादा कैश कहां मिला ?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सबसे बड़ी स्पष्ट नकद बरामदगी रविंद्र कुमार दिवाकर और कुमारी स्वीटी से जुड़े मामले में हुई, जहां करीब 79-80 लाख रुपये नकद मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा इसी मामले में करीब 52.60 लाख रुपये के आभूषण और 48 महंगी घड़ियां मिलने की जानकारी है। कमलेश कुमार के मामले में करीब 25.86 लाख रुपये बैंक खातों में फ्रीज किए गए, जबकि 12 अचल संपत्तियों से जुड़े करीब 4.70 करोड़ रुपये के दस्तावेज सामने आए। EOU और Vigilance की जांच में आगे इन संपत्तियों, निवेश और आय के स्रोत का मिलान किया जाएगा।