कैमूर, 18 सितंबर 2026 : बिहार के कैमूर जिले में नया एयरपोर्ट बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए 161 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। यह प्रस्तावित एयरपोर्ट वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास ही बनाया जा सकता है। हालांकि, अभी निर्माण की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। जिला प्रशासन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही एयरपोर्ट निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर कैमूर के साथ-साथ आसपास के जिलों के लोगों को भी बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने किया था एयरपोर्ट का ऐलान

कैमूर में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ महीने पहले मां मुंडेश्वरी धाम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट के लिए जमीन की तलाश और अन्य तैयारियों पर काम तेजी से शुरू कर दिया। अब जिला प्रशासन की ओर से जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव बिहार सरकार को भेज दिया गया है।

रामपुर प्रखंड में 161 एकड़ जमीन चिन्हित

प्रशासन की ओर से रामपुर प्रखंड के रामपुर, सबार और पाली मौजा में करीब 161 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। बताया गया है कि इसी जमीन पर एयरपोर्ट विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस संबंध में कैमूर के जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित परियोजना को लेकर जरूरी तैयारियों की समीक्षा भी की है। फिलहाल प्रस्ताव पर सरकार की मंजूरी का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास होगी कनेक्टिविटी

प्रस्तावित एयरपोर्ट की सबसे अहम बात इसकी लोकेशन बताई जा रही है। एयरपोर्ट को वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास विकसित करने की योजना है। एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी बनने से कैमूर के अलावा आसपास के इलाकों के यात्रियों को भी इसका फायदा मिल सकता है।

Tourism को मिल सकता है Boost

कैमूर को पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। जिले में मां मुंडेश्वरी धाम, करकटगढ़ वॉटरफॉल, तेलहर कुंड, दुर्गावती जलाशय, करमचट डैम और जगदहवा डैम जैसे कई पर्यटन स्थल हैं।अगर एयरपोर्ट परियोजना को मंजूरी मिलती है और इसका निर्माण पूरा होता है, तो इन पर्यटन स्थलों तक दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों की पहुंच आसान हो सकती है।

रोजगार और व्यापार को भी मिल सकता है फायदा

नए एयरपोर्ट से केवल यात्री सुविधा ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। एयर कनेक्टिविटी बेहतर होने से कैमूर और शाहाबाद क्षेत्र का दूसरे शहरों और राज्यों से संपर्क मजबूत हो सकता है। हालांकि, इन संभावित लाभों का वास्तविक असर एयरपोर्ट की मंजूरी, निर्माण और भविष्य में शुरू होने वाली उड़ानों पर निर्भर करेगा।

अभी मंजूरी का इंतजार

फिलहाल कैमूर एयरपोर्ट प्रस्ताव के स्तर पर है। 161 एकड़ जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन निर्माण शुरू करने के लिए अंतिम स्वीकृति जरूरी है। मंजूरी मिलने के बाद जमीन, निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और हवाई सेवाओं से जुड़ी अगली प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जाएंगी।