पटना, 15 अगस्त 2026 : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांधी मैदान से एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगले छह महीने में 10 बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की तैयारी में है। इससे गन्ना किसानों को बाजार मिलने के साथ रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस तरह बिहार में लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में सरकार ने लक्ष्य तय किया है। सरकार का दावा है कि इससे कृषि आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
गन्ना किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
चीनी मिलों के शुरू होने से गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। मिलों में गन्ने की खरीद बढ़ने से किसानों को परिवहन की परेशानी कम हो सकती है। सरकार का फोकस गन्ना उत्पादन के साथ चीनी उद्योग को भी मजबूत करने पर है।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
बंद मिलों के दोबारा संचालन से सिर्फ किसानों को ही फायदा नहीं होगा, बल्कि युवाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। चीनी मिलों में प्रत्यक्ष रोजगार के अलावा ट्रांसपोर्ट, मजदूरी, मशीनरी, व्यापार और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी काम बढ़ सकता है।
बिहार के औद्योगिक विकास को मिलेगी गति
सरकार बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को दोबारा सक्रिय करने को बिहार के औद्योगिक विकास की रणनीति का अहम हिस्सा बता रही है। चीनी मिलों के संचालन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ग्रामीण इलाकों में कारोबार और रोजगार को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
हर परिवार में एक उद्यमी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बिहार के करीब साढ़े तीन करोड़ परिवारों का जिक्र करते हुए हर परिवार में कम से कम एक उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य भी बताया। सरकार का मानना है कि उद्योग, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने से युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी।
बिहार में उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर
सरकार ने बिहार में उत्पादन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़े लक्ष्य सामने रखे हैं। बिहार में बने उत्पादों को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की योजना को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




