पटना, 17 अगस्त 2026 : पटना के बख्तियारपुर में सोमवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक दुखद हादसा हो गया। रानीसराय गंगा घाट पर एक ही परिवार की सात बच्चियां नदी में डूब गईं। स्थानीय लोगों की मदद से तीन बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि चार बच्चियां गहरे पानी में बह गईं। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान दो बच्चियों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि दो अन्य की तलाश अब भी जारी है।
एक बच्ची डूबी तो बचाने पहुंचीं बाकी बहनें
जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे की है। गांव की बच्चियां रानीसराय गंगा घाट पर स्नान करने पहुंची थीं। सभी बच्चियां आपस में चचेरी बहनें बताई जा रही हैं। स्नान के दौरान अचानक एक बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए दूसरी बच्चियां आगे बढ़ीं। देखते ही देखते एक के बाद एक सातों बच्चियां तेज धारा की चपेट में आ गईं।
स्थानीय लोगों ने तीन बच्चियों को बचाया
बच्चियों के डूबने की जानकारी मिलते ही घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। कई लोगों ने नदी में छलांग लगाकर बच्चियों को बचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों की मदद से तीन बच्चियों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तेज धारा और गहरे पानी के कारण चार बच्चियां बह गईं।
दो बच्चियों के शव बरामद, दो अब भी लापता
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने नदी में तलाशी अभियान शुरू किया। टीम ने अब तक दो बच्चियों के शव बरामद किए हैं। वहीं, दो अन्य बच्चियों की तलाश अभी भी जारी है। लापता बच्चियों में अवधेश चंद्रवंशी की पुत्री आरती (21) और नंदनी (16), कमलेश चंद्रवंशी की पुत्री राधिका (15) और मंटू चंद्रवंशी की छह वर्षीय पुत्री बबली के नाम बताए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से दो के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि दो की तलाश जारी है।
एसडीआरएफ की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चियों के परिजन रानीसराय घाट पर पहुंच गए। परिजनों ने तत्काल एसडीआरएफ की टीम बुलाकर तलाशी अभियान शुरू कराने की मांग की। एसडीआरएफ के पहुंचने में देरी को लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। करीब 20 मिनट तक आवागमन प्रभावित रहा। ग्रामीणों की मांग थी कि नदी में जल्द से जल्द तलाशी अभियान शुरू किया जाए।
तेज धार और गहरे पानी में चल रहा सर्च ऑपरेशन
एसडीआरएफ के जवान नदी के अलग-अलग हिस्सों में लापता बच्चियों की तलाश कर रहे हैं। नदी की तेज धार और गहराई के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है और तलाशी अभियान को तेज करने की कोशिश की जा रही है।
हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम
एक ही परिवार की बच्चियों के साथ हुए इस हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घाट पर चीख-पुकार और मातम का माहौल है। परिजन नदी किनारे खड़े होकर एसडीआरएफ के अभियान के जरिए अपनी बच्चियों के मिलने का इंतजार कर रहे हैं। एक साथ कई बच्चियों के नदी में डूबने की घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
गंगा घाटों पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
बख्तियारपुर के रानीसराय घाट पर हुए इस हादसे ने गंगा घाटों पर सुरक्षा और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज बहाव वाले नदी घाटों पर स्नान के दौरान सुरक्षा इंतजाम और बैरिकेडिंग की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। फिलहाल एसडीआरएफ की टीम लापता बच्चियों की तलाश में जुटी है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है।




