लखीसराय, 17 अगस्त 2026 : बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी के दिन एक बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के पास अचानक मची भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस हादसे के बाद शुरुआती तौर पर 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से करंट लगने की बात सामने आई थी। हालांकि, अब जिला प्रशासन ने इस दावे को खारिज करते हुए हादसे की असली वजह बताई है।

अशोकधाम हादसे की असली वजह क्या थी ?

लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार के मुताबिक, श्रद्धालुओं की मौत करंट लगने से नहीं हुई। हादसे की मुख्य वजह अचानक मची भगदड़ थी। डीएम के अनुसार, अशोकधाम हॉल्ट पर दोनों तरफ से ट्रेन आ गई थी। ट्रेन को देखकर कुछ युवकों में अचानक अफरा-तफरी मच गई और वे भागने लगे। इसी दौरान बिजली का एक पोल गिर गया।

बिजली बंद थी, फिर क्यों फैली करंट की अफवाह ?

पोल गिरने के बाद मौके पर करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। प्रशासन के मुताबिक, उस समय बिजली की आपूर्ति बंद थी और तार कवर किया हुआ था। लेकिन करंट लगने की अफवाह सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। देखते ही देखते भीड़ में भगदड़ मच गई। इसी अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु एक-दूसरे के नीचे दब गए।

भगदड़ में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत

इस दर्दनाक हादसे में अब तक सात महिलाओं की मौत की पुष्टि की गई है। कई अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़

सोमवार को सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। मंदिर की धार्मिक मान्यता के कारण सावन के सोमवार को यहां काफी भीड़ रहती है। मुख्य शिव मंदिर के अलावा परिसर में मां पार्वती, नंदी महाराज और मां दुर्गा की भी प्रतिमाएं हैं। भारी भीड़ के बीच अचानक फैली अफवाह ने स्थिति को भयावह बना दिया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख

अशोकधाम हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने घटना को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने की बात कही।

प्रशासन ने शुरू की जांच

हादसे के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों की टीम घटनास्थल की स्थिति, भीड़ की गतिविधियों और भगदड़ के कारणों की जांच कर रही है। प्रशासन की ओर से हादसे से जुड़ी परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

अशोकधाम हादसे ने खड़े किए कई सवाल

अशोकधाम मंदिर में हुई इस घटना ने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ट्रेन आने के बाद इतनी तेजी से अफरा-तफरी कैसे फैली? बिजली के पोल के गिरने के बाद अफवाह को रोकने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए गए? इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।