पटना, 2 अक्टूबर 2026 : बिहार में विदेशी फंडिंग के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से राज्य के 288 लोगों के बैंक खातों में 150 करोड़ रुपये भेजे जाने की खबर से हड़कंप मच गया है। खुफिया इनपुट के बाद आयकर विभाग और सुरक्षा एजेंसियों ने ताबड़तोड़ जांच शुरू भी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान और बांग्लादेश से बिहार के 288 लोगों के बैंक खातों में करीब 150 करोड़ रुपये पहुंचने का इनपुट मिला था। इसके बाद आयकर विभाग और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां वित्तीय लेन-देन की पड़ताल शुरू कर दी हैं। इस तरह शुरुआती जांच में 119 लोगों के वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जाने की बात भी सामने आई है। इनमें कुछ खातों में सामान्य आय की तुलना में बड़े और असामान्य लेन-देन के संकेत मिलने का दावा किया गया है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि संबंधित लोगों में बड़ी संख्या नेपाल सीमा से सटे बिहार के जिलों से बताई जा रही है।
छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन का सामने आया पैटर्न
जांच में कथित तौर पर एक खास ट्रांजैक्शन पैटर्न सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, किसी एक खाते में बड़ी रकम भेजने के बजाय अलग-अलग लोगों के खातों में छोटी-छोटी रकम ट्रांसफर की गई। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन लेन-देन के पीछे कोई समान स्रोत, मध्यस्थ या संगठित वित्तीय नेटवर्क तो नहीं है। अलग-अलग खातों के बीच कनेक्शन मिलने पर जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
119 लोगों के रिकॉर्ड की जांच
आयकर विभाग कथित तौर पर संबंधित लोगों के बैंक खातों, आयकर रिटर्न, आय के स्रोत और चल-अचल संपत्तियों की जानकारी की तुलना कर रहा है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि खातों में आई रकम का वास्तविक स्रोत क्या था, पैसा किस माध्यम से पहुंचा और संबंधित लोगों की घोषित आय के मुकाबले इन लेन-देन की स्थिति क्या है।
दिल्ली और पटना में समीक्षा का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले को लेकर दिल्ली और पटना स्तर पर भी समीक्षा की गई है। चूंकि मामला कथित विदेशी फंडिंग और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े वित्तीय लेन-देन से संबंधित बताया जा रहा है इसलिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की भूमिका भी जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि जांच पूरी होने के बाद 288 लोगों में से कितने लोगों के खिलाफ कोई आपराधिक या कानूनी कार्रवाई तय हुई है।
नेपाल सीमा से जुड़े जिलों पर नजर
बिहार की भारत-नेपाल सीमा खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा है। सीमावर्ती इलाकों में अवैध वित्तीय लेन-देन, तस्करी और अन्य गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर निगरानी करती रही हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां कथित विदेशी फंडिंग के इस मामले में नेपाल सीमा से जुड़े जिलों के वित्तीय लेन-देन पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं।
जांच के बाद ही तस्वीर होगी साफ
फिलहाल प्रदेश के खातों में 150 करोड़ रुपये की विदेशी फंडिंग, 288 खाताधारकों और कथित पाकिस्तान और बांग्लादेश लिंक से जुड़े दावे जांच के दायरे में हैं। यह रकम किस उद्देश्य से भेजी गई, इसके पीछे कौन लोग या नेटवर्क हैं और क्या सभी खाताधारक किसी अवैध गतिविधि से जुड़े हैं-इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।




