पटना, 23 सितंबर 2026 : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार यानी 23 सितंबर को बिहार कैबिनेट की एक बैठक हुई। इस बैठक में शिक्षा, कृषि, पशुपालन, डेयरी और उद्योग समेत विभिन्न विभागों से जुड़े 24 एजेंडों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति दी। इसके अलावा पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना, कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास परियोजनाओं और नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
बेगूसराय में बनेगा रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय
बिहार कैबिनेट ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। यह फैसला राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर लिया गया। विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन समेत अन्य स्थापना संबंधी खर्च के लिए 15 करोड़ की स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। दिनकर की जन्मभूमि सिमरिया में उनकी 118वीं जयंती के अवसर पर 23 और 24 सितंबर को साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना
कैबिनेट ने पटना में माता सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी है। विश्वविद्यालय के लिए पदाधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन सहित स्थापना संबंधी खर्च को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस फैसले के बाद पटना में महिला उच्च शिक्षा के लिए एक अलग विश्वविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना
कैबिनेट ने पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को भी स्वीकृति दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार बैंक से लिए गए ऋण के ब्याज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान है। योजना के तहत लाभुकों के ऋण पर ब्याज संबंधी भार को सरकार की ओर से सब्सिडी के माध्यम से कवर किया जाएगा। इसके लिए 1,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किए जाने की जानकारी दी गई है।
कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास की आठ परियोजनाएं
कैबिनेट ने कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास से जुड़ी आठ परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इसके तहत करीब 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन और डेयरी से जुड़ी सुविधाओं के विकास की योजना है। इन परियोजनाओं के लिए 126.07 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे क्षेत्र में दूध उत्पादन, संग्रहण और डेयरी से जुड़े बुनियादी ढांचे को विकसित करने की योजना है।
वारिसलीगंज में नई चीनी मिल को मंजूरी
बिहार कैबिनेट ने नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव है। राज्य सरकार के अनुसार, इस परियोजना से नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई के गन्ना किसानों को भी बाजार और प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
शिक्षा, पशुपालन और उद्योग से जुड़े फैसले
बुधवार की कैबिनेट बैठक में शिक्षा के साथ-साथ पशुपालन, डेयरी और उद्योग से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय और माता सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना से उच्च शिक्षा से जुड़े नए संस्थागत ढांचे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं गो-धन ऋण योजना और डेयरी परियोजनाओं के जरिए पशुपालन क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। वारिसलीगंज चीनी मिल से जुड़े फैसले का संबंध कृषि और गन्ना प्रसंस्करण क्षेत्र से है। कुल मिलाकर कैबिनेट बैठक में 24 एजेंडों पर निर्णय लिया गया है।




