पटना, 10 सितंबर 2026 : बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पार्टी की प्रदेश अनुशासन समिति ने 32 नेताओं को शो-कॉज नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है। इन नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और संगठन के खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी करने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि पार्टी के इस कदम के बाद बिहार कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी और संगठनात्मक मतभेद एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। अब इन नेताओं के जवाब के बाद कांग्रेस नेतृत्व आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला करेगा।
32 नेताओं को भेजा गया नोटिस
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शो-कॉज नोटिस पाने वाले नेताओं में पूर्व विधायक अनिल सिंह, पूर्व विधायक पूनम देवी, पश्चिमी चंपारण के पूर्व जिलाध्यक्ष भारत भूषण दुबे, औरंगाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह, मधेपुरा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र यादव और सिवान के पूर्व जिलाध्यक्ष विधु शेखर पाण्डेय समेत कुल 32 नेता शामिल हैं। प्रदेश अनुशासन समिति ने इन नेताओं से उनके कथित पार्टी विरोधी आचरण को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
नेतृत्व को लेकर नाराजगी की चर्चा
बताया जा रहा है कि बिहार कांग्रेस में पिछले कुछ समय से संगठन और नेतृत्व को लेकर काफी असंतोष की स्थिति बनी हुई है। नाराज नेताओं के एक समूह ने दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने भी अपनी बात रखी थी। कुछ नेताओं की ओर से संगठनात्मक मुद्दों को लेकर सार्वजनिक बयान भी दिए गए। पार्टी नेतृत्व ने इन गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए अनुशासन समिति के स्तर पर कार्रवाई शुरू की।
जवाब के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
अब सभी 32 नेताओं के जवाब पर कांग्रेस नेतृत्व की नजर है। पार्टी उनके स्पष्टीकरण की समीक्षा करेगी। यदि जवाब से नेतृत्व संतुष्ट नहीं होता है, तो संबंधित नेताओं के खिलाफ आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे में शो-कॉज नोटिस को बिहार कांग्रेस के भीतर चल रहे संगठनात्मक मतभेदों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नेताओं के जवाब और पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले से स्थिति और स्पष्ट होगी।




