पटना, 15 अगस्त 2026 : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास का बड़ा रोडमैप सामने रखा। सरकार ने 2030 तक राज्य को सेमीकंडक्टर हब बनाने, पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने, 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने और 589 किलोमीटर एक्सप्रेसवे व हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ बिजली, सोलर, महिला सुरक्षा, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बड़े ऐलान किए गए हैं।

2030 तक सेमीकंडक्टर हब बनेगा बिहार

बिहार सरकार ने राज्य में आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बिहार सेमीकंडक्टर नीति-2026 शुरू की है। सरकार का लक्ष्य 2030 तक बिहार को सेमीकंडक्टर और इससे जुड़े उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाना है। राज्य में 100 से अधिक इंडस्ट्रियल एरिया मौजूद हैं। उद्योगों के लिए करीब 10 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध होने की बात कही गई है। इसके अलावा नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 14,600 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी गई है।

बिहार में आएगा पांच लाख करोड़ का निवेश

सीएम सम्राट चौधरी ने बिहार में 5 लाख करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य बताया। सरकार का फोकस उद्योग, रोजगार और उत्पादन बढ़ाने पर है। इसके लिए औद्योगिक नीतियों में बदलाव के साथ तैयार शेड, ड्राई पोर्ट और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं को विकसित करने की योजना है। सरकार ने बिहार से बाहर रह रहे लोगों से राज्य में निवेश और उद्यम शुरू करने की अपील की है।

589 KM एक्सप्रेसवे से बदलेगी कनेक्टिविटी

बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पांच एक्सप्रेसवे और छह हाई-स्पीड कॉरिडोर पर काम करने की योजना है। इनमें करीब 589 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से बिहार के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने और यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है।

बिहार में बनेंगे 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप

शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित टाउनशिप में पटना का पाटलिपुत्र, सोनपुर का हरिहरनाथपुर, गया का मगध, दरभंगा का मिथिला, सहरसा का कोसी, पूर्णिया का पूरनदेवी, मुंगेर का अंग, मुजफ्फरपुर का तिरहुत, छपरा का सारण, भागलपुर का विक्रमशिला, सीतामढ़ी का सीतापुरम और डेहरी की सैटेलाइट सिटी शामिल हैं। इन परियोजनाओं के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, HUDCO के साथ करीब 1 लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण को लेकर समझौता ज्ञापन किया गया है।

25 लाख घरों में लगेगा रूफटॉप सोलर

बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2027 तक 25 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत लाखों परिवारों के घरों पर सोलर लगाने का काम जारी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विद्युत सहायता योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा भी की गई है।

बिहार में बिजली की मांग 9475 मेगावाट तक पहुंची

मुख्यमंत्री के मुताबिक बिहार की अधिकतम बिजली मांग अब 9,475 मेगावाट तक पहुंच गई है। सरकार का दावा है कि बिजली क्षेत्र में पिछले वर्षों में बड़ी क्षमता का विस्तार हुआ है। बढ़ती बिजली जरूरतों को देखते हुए सौर ऊर्जा समेत अन्य स्रोतों के जरिए बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

महिला सुरक्षा के लिए 855 थानों में हेल्प डेस्क

सरकार ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को भी विकास के रोडमैप का अहम हिस्सा बताया है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के 855 थानों में महिला हेल्प डेस्क शुरू किए गए हैं और ये 24 घंटे काम कर रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभया ब्रिगेड और पुलिस दीदी जैसी पहल का भी उल्लेख किया गया। पुलिस बल को आधुनिक बनाने और नई भर्तियों व प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है।

1833 इमरजेंसी वाहन से मिलेगी त्वरित मदद

राज्य में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम यानी ERSS के तहत 1,833 आपातकालीन वाहन चलने की बात कही गई है। सरकार के अनुसार, इन सेवाओं के जरिए औसतन 10 मिनट में एंबुलेंस, पुलिस, फायर ब्रिगेड, हाईवे पेट्रोलिंग और अन्य आपात सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

ऑनलाइन पढ़ाई और कोचिंग पर भी जोर

शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन माध्यम को बढ़ावा देने के लिए बिहार स्कूल लाइव क्लासेज और ऑनलाइन कोचिंग जैसी पहल शुरू की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा देना है। सरकार का कहना है कि तकनीक के इस्तेमाल से राज्य के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ा जाएगा।

विकसित बिहार के लिए बड़ा रोडमैप

सेमीकंडक्टर उद्योग, बड़े निवेश, एक्सप्रेसवे, सैटेलाइट टाउनशिप, सोलर ऊर्जा, बिजली, महिला सुरक्षा और डिजिटल शिक्षा को सरकार ने बिहार के विकास की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल किया है। अब इन घोषणाओं को जमीन पर उतारना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।