पटना, 6 सितंबर। पटना हाईकोर्ट को करीब दो महीने के इंतजार के बाद नियमित मुख्य न्यायाधीश मिलने जा रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद पटना हाईकोर्ट में स्थायी नेतृत्व की प्रक्रिया पूरी हो गई है। शपथ ग्रहण की तारीख का ऐलान अभी बाकी है।
पटना हाईकोर्ट के 49वें नियमित चीफ जस्टिस होंगे
जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के 49वें नियमित मुख्य न्यायाधीश होंगे। इससे पहले चीफ जस्टिस मीनाक्षी मदन राय के 11 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस सुधीर सिंह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
पटना हाईकोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 53 है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिलहाल 43 न्यायाधीश कार्यरत हैं।
भूगोल की पढ़ाई से शुरू हुआ सफर
जस्टिस राव की शिक्षा दिल्ली में हुई। उन्होंने वर्ष 1987 में दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल में बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1990 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।
कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद मार्च 1991 में उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में पंजीकरण कराया और वकालत शुरू की।
सुप्रीम कोर्ट और CAT में किया काम
वकालत के दौरान जस्टिस राव ने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) में विभिन्न मामलों में पैरवी की। उनकी विशेषज्ञता सेवा मामलों, श्रम कानून, संवैधानिक कानून, प्रशासनिक कानून और मध्यस्थता से जुड़े मामलों में रही।
कानूनी क्षेत्र में लंबे अनुभव के बाद वर्ष 2010 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता बनाया गया।
2013 में बने हाईकोर्ट के जज
जस्टिस वी. कामेश्वर राव को 17 अप्रैल 2013 को दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके करीब दो साल बाद 18 मार्च 2015 को उनकी स्थायी नियुक्ति हुई।
इसके बाद वर्ष 2024 में उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट कर दिया गया। वहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियां निभाईं और मई 2025 में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। जुलाई 2025 में उनकी वापसी दिल्ली हाईकोर्ट में हुई।
अब पटना हाईकोर्ट की संभालेंगे कमान
अब जस्टिस राव पटना हाईकोर्ट की जिम्मेदारी संभालेंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक रहेगा, जब वह सेवानिवृत्त होंगे।
उनके सामने नियुक्ति, सेवा, जमीन और संवैधानिक मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे। पटना हाईकोर्ट में नए नियमित मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति से न्यायिक प्रशासन को भी स्थायी नेतृत्व मिलने की उम्मीद है।




