पटना, 8 सितंबर 2026 : बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा जिले के बहादुरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. आनंद कुमार विभूति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। EOU की अलग-अलग टीमों ने मंगलवार सुबह उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी के मुताबिक BDO की ज्ञात आय की तुलना में करीब 1.71 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्ति का पता चला है। बताया गया है कि यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से करीब 121.87 प्रतिशत अधिक है। मामले में EOU के स्पेशल थाने में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पांच ठिकानों पर एक साथ पहुंची EOU की टीम

EOU ने सर्च वारंट के आधार पर BDO से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों ने जमीन-जायदाद, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। जिन स्थानों पर छापेमारी की जानकारी सामने आई है, उनमें शामिल हैं—

  • पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र का लालबेगिया स्थित पैतृक आवास।
  • पटना के दानापुर स्थित आशोपुर के साईं बिहार अपार्टमेंट का फ्लैट।
  • दरभंगा के बहादुरपुर स्थित सरकारी कार्यालय और आवासीय परिसर।
  • मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित बैरिया आदर्श ग्राम का निजी आवास।
  • BDO से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी जांच की गई।

मुजफ्फरपुर वाले घर पर लगा था ताला

EOU की टीम मंगलवार सुबह करीब सात बजे मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित आवास पर पहुंची। रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय घर पर ताला लगा हुआ था। जांच टीम मौके पर मौजूद रही और घर की निगरानी करती रही। कुछ समय बाद BDO की पत्नी के वहां पहुंचने पर आवास का ताला खोला गया और अधिकारियों ने अंदर जाकर तलाशी शुरू की। इसके बाद टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच की।

ज्ञात आय से अधिक संपत्ति का मामला

EOU के अनुसार, जांच में BDO की ज्ञात आय की तुलना में 1,71,84,000 रुपये की कथित अतिरिक्त संपत्ति सामने आई है। एजेंसी इसी आधार पर आय के स्रोत और संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने स्पेशल थाने में कांड संख्या 21/26 दर्ज किया है। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

कांटी में तैनाती के दौरान भी उठे थे सवाल

डॉ. आनंद कुमार विभूति के मुजफ्फरपुर के कांटी प्रखंड में पदस्थापन के दौरान भी वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोपों का जिक्र सामने आया है। मौजूदा कार्रवाई के दौरान EOU की टीमें पुराने रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं। जांच एजेंसी जमीन-जायदाद, बैंक खातों, निवेश और संभावित बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल EOU की कार्रवाई जारी है और छापेमारी में बरामद दस्तावेजों एवं अन्य सामग्री का सत्यापन किया जा रहा है। कथित आय से अधिक संपत्ति का अंतिम स्वरूप और उससे जुड़े वित्तीय स्रोतों की स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। EOU की इस कार्रवाई ने बिहार में सरकारी अधिकारियों की कथित Disproportionate Assets को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।