पटना, 6 सितंबर। बिहार में गंगा, गंडक, कोसी और पुनपुन समेत कई नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के कई जिलों में गांवों और निचले इलाकों में पानी फैलने से जनजीवन प्रभावित है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और 5000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की है।
12 जिलों की 330 पंचायतें प्रभावित
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिहार के 12 जिलों के 66 प्रखंडों की करीब 330 ग्राम पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में दावा किया कि राज्य का करीब 76 प्रतिशत हिस्सा बाढ़ की स्थिति से प्रभावित है और 19 जिलों में 20 लाख से अधिक लोग संकट में हैं।
उन्होंने कहा कि कई इलाकों में पशुधन और सरकारी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, प्रभावित जिलों और लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग स्रोतों के आंकड़ों में अंतर हो सकता है।
घरों की छतों पर फंसे लोगों के लिए हेलीकॉप्टर मांगे
तेजस्वी यादव ने कहा कि दियारा क्षेत्रों में कई लोग पानी के बीच फंसे हैं और कुछ परिवार घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने राहत सामग्री, भोजन और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करने की मांग की।
उन्होंने केंद्र से सेना की मदद लेने और बड़े पैमाने पर राहत-बचाव अभियान चलाने की भी अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी से बिहार आने की अपील
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि आपदा की गंभीरता को देखते हुए केंद्र को राज्य के साथ खड़ा होना चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से किए जा रहे हवाई निरीक्षण को पर्याप्त नहीं बताते हुए व्यापक राहत अभियान की मांग की।
पटना में गंगा ने तोड़ा 10 साल पुराना रिकॉर्ड
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर तक पहुंचने की जानकारी है, जो 2016 में दर्ज 50.52 मीटर के स्तर से ऊपर है। बढ़ते जलस्तर से पटना के निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
सारण समेत कई जिलों में बांध और नदी तटों पर भी दबाव बना हुआ है।
12 जिलों में राहत की निगरानी के निर्देश
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पटना, बक्सर, भोजपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, मुंगेर, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार के प्रभारी मंत्रियों व सचिवों को अपने-अपने जिलों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने पटना के शहरी सुरक्षा तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों पर 24 घंटे निगरानी रखने को कहा है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष आर्थिक सहायता देने की तेजस्वी यादव की मांग पर अब केंद्र के रुख पर नजर है।




