पटना, 6 सितंबर। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। नेपाल और बिहार में हुई भारी बारिश का असर गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। राज्य के कई जिलों में निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर चुका है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
गांधी घाट पर गंगा ने पार किया 10 साल पुराना रिकॉर्ड
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर शनिवार को 50.52 मीटर के उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर गया। शाम चार बजे जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया, जो 2016 में दर्ज स्तर से पांच सेंटीमीटर अधिक बताया गया। रविवार सुबह जलस्तर करीब 50.62 मीटर पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक, कोसी, गंगा, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियां लाल निशान के ऊपर बह रही हैं। डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक, बलतारा में कोसी और खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। गंगा भी दीघा, हाथीदह, बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव समेत कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर है।
पटना के निचले इलाकों में घुसा पानी
गंगा और पुनपुन के बढ़ते जलस्तर का असर पटना में भी दिख रहा है। मखदुमपुर सहित निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है। कुर्जी मोड़ से राजेंद्र घाट के बीच अंडरपास में भी जलभराव की सूचना है। फुलवारी-संपतचक सीमा के पास पुनपुन नदी के रिंग बांध में रिसाव के बाद कई इलाकों में पानी फैलने की स्थिति बनी।
सारण और वैशाली में भी चुनौतीपूर्ण हालात
सारण के दिघवारा क्षेत्र में माही नदी का बांध टूटने से आसपास के इलाकों में पानी फैल गया है। छपरा-हाजीपुर NH-19 पर भी पानी बहने की जानकारी है। सोनपुर के कई गांवों और छपरा सदर के ग्रामीण इलाकों में बड़ी आबादी प्रभावित बताई गई है। वैशाली के हाजीपुर और लालगंज में गंडक का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है।
भागलपुर-मुंगेर में शहरी इलाकों तक पहुंचा पानी
पूर्वी बिहार में भी बाढ़ का असर बढ़ रहा है। भागलपुर के तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में जलभराव की जानकारी सामने आई है। मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि कटिहार के कुरसेला में कोसी का जलस्तर भी लाल निशान के पार है।
पटना-गया रेलखंड पर भी असर
बाढ़ का असर रेल परिचालन पर भी पड़ा है। पुनपुन घाट स्थित रेल पुल के पास पानी बढ़ने के कारण पटना-गया रेलखंड प्रभावित हुआ है। 6 सितंबर को इस रूट की 10 MEMU ट्रेनें रद्द किए जाने और दो एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में बदलाव की जानकारी दी गई है।
16.84 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बिहार के करीब 11 जिलों में 16.84 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई प्रखंडों और पंचायतों में सड़क संपर्क, बिजली आपूर्ति और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट बढ़ाते हुए लोगों से नदी, बांध और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।




