पटना, 16 सितंबर। बिहार में बाढ़ से 50 लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है। इसी बीच बाढ़ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की बाढ़ प्रभावित इलाकों में सक्रियता पर सवाल उठाए हैं। वहीं, जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी से अपने पार्टी फंड से बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹500 करोड़ देने की चुनौती दी है। आरजेडी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा है।
पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव पर उठाए सवाल
पप्पू यादव ने कहा कि आपदा के समय विपक्ष की भी सक्रिय भूमिका होनी चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव की बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि चुनाव के दौरान जिन साधनों का उपयोग किया जाता है, उनका इस्तेमाल आपदा के समय भी प्रभावित लोगों तक पहुंचने के लिए किया जा सकता है।
पप्पू यादव के ये बयान उनके राजनीतिक आकलन और आरोप हैं। तेजस्वी यादव की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह अलग मुद्दा है।
प्रशांत किशोर ने BJP को ₹500 करोड़ देने की चुनौती दी
जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने बाढ़ राहत को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी के पास हजारों करोड़ रुपये का फंड है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर बीजेपी वास्तव में बाढ़ पीड़ितों की मदद करना चाहती है, तो अपने पार्टी फंड से ₹500 करोड़ निकालकर प्रभावित लोगों को दे।
उन्होंने बाढ़ प्रबंधन, बांधों और राहत सामग्री के वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। ये आरोप प्रशांत किशोर की ओर से लगाए गए हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आरजेडी ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा
आरजेडी ने भी बाढ़ की स्थिति को लेकर सोशल मीडिया के जरिए केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने अपने पोस्ट में बाढ़ से प्रभावित घरों, बच्चों, मवेशियों और फसल के नुकसान का जिक्र करते हुए सरकार पर पर्याप्त राहत नहीं देने का आरोप लगाया।
आरजेडी ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का एक वीडियो भी साझा किया और उसके साथ राजनीतिक टिप्पणी की। पार्टी की पोस्ट में बाढ़ संकट को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़कर सवाल उठाए गए।
सरकार की ओर से राहत राशि भेजने की बात
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बिहार सरकार की ओर से आर्थिक सहायता शुरू किए जाने की जानकारी है। प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में ₹7,000 की सहायता राशि भेजे जाने की बात कही गई है। इसके अलावा राहत शिविरों और प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से बचाव और राहत कार्य जारी हैं।
बाढ़ पर राहत से ज्यादा राजनीति की चर्चा
बिहार में इस समय एक तरफ लाखों लोग बाढ़ की मुश्किलों से जूझ रहे हैं, तो दूसरी तरफ राहत कार्यों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ रहे हैं। पप्पू यादव, प्रशांत किशोर और आरजेडी के बयानों से साफ है कि बाढ़ अब राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बन गई है। हालांकि, अलग-अलग नेताओं के आरोपों और दावों को संबंधित पक्षों के बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।




