लखीसराय, 17 अगस्त 2026 : बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर के पास सावन की तीसरी सोमवारी पर बड़ा हादसा हो गया। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मचने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं, कई राजनीतिक नेताओं ने भी हादसे पर गहरा दुख जताया है।
अशोकधाम हादसे पर CM सम्राट का बड़ा ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में हुई घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने घायलों के बेहतर और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। सीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हादसा अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
कैसे मची अशोकधाम में भगदड़ ?
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, अशोकधाम हॉल्ट पर दोनों तरफ से ट्रेन आ गई थी। ट्रेन को देखकर कुछ युवकों में अचानक भाग-दौड़ शुरू हो गई। इसी दौरान वहां मौजूद बिजली का एक पोल गिर गया। पोल गिरने के बाद मौके पर करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक उस समय बिजली की आपूर्ति बंद थी और तार भी कवर किया हुआ था। लेकिन करंट की अफवाह से श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। अफरा-तफरी के दौरान कई श्रद्धालु भीड़ में दब गए। इसी दौरान कई महिलाएं भीड़ के नीचे आ गईं और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
सावन की तीसरी सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़
सोमवार को सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण अशोकधाम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान अशोकधाम हॉल्ट के पास हुई घटना ने भयावह रूप ले लिया। प्रशासन अब हादसे के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है।
हादसे के बाद उठे सुरक्षा को लेकर सवाल
अशोकधाम मंदिर में हुए इस हादसे के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच ट्रेन की आवाजाही, बिजली के पोल के गिरने और अफवाह फैलने के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। प्रशासन की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि हादसे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
हाई-टेंशन तार नहीं, अफवाह और भगदड़ ने ली जान
लखीसराय के अशोकधाम के पास सोमवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे की वजह अब सामने आ गई है। शुरुआती जानकारी में 11 हजार वोल्ट के तार गिरने और करंट लगने से श्रद्धालुओं की मौत की बात कही जा रही थी। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस दावे को खारिज कर दिया है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि श्रद्धालुओं की मौत करंट लगने से नहीं हुई, बल्कि करंट की अफवाह के बाद मची भगदड़ में लोगों की जान गई।
बिजली बंद थी, तार भी कवर्ड था
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिस समय बिजली का पोल गिरा, उस समय इलाके की बिजली आपूर्ति बंद थी। इतना ही नहीं, जमीन पर गिरा तार भी कवर्ड यानी इंसुलेटेड था। इसके बावजूद करंट की अफवाह तेजी से फैल गई। श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए बेतहाशा भागने लगे।
मृतक महिलाओं की पहचान हुई
प्रशासन की ओर से हादसे में जान गंवाने वाली कुछ महिलाओं की पहचान सार्वजनिक की गई है।
- मनमाला देवी (44) — पति निरंजन कुमार, वार्ड नंबर 12, इंद टोला, बड़हिया, लखीसराय।
- रिंकू देवी (50) — पति नीरज यादव, फरदा, थाना सफियासराय, जिला मुंगेर।
- हेमलता देवी (55) — पति सुरेंद्र यादव, कैंदी प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय।
- ललिता देवी — पति गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय। इस बीच प्रशासन की ओर से अन्य मृतकों की पहचान और विस्तृत जानकारी भी जुटाई जा रही है।




