पटना, 23 सितंबर 2026 : बिहार में आगामी पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दो नेताओं अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विधायक अनंत सिंह ने JDU के मौजूदा MLC नीरज कुमार की उम्मीदवारी का खुलकर विरोध किया है और उनके खिलाफ मैदान में उतरने वाले अनुज सिंह को अपना समर्थन देने की बात कही है। दूसरी ओर नीरज कुमार ने भी अनंत सिंह के आरोपों पर पलटवार किया है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान ने इस विवाद को और चर्चा में ला दिया है। पटना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नीरज कुमार को “पॉलिटिकल डॉक्टर” बताते हुए कहा कि वह अच्छे-अच्छों का इलाज कर देते हैं और उनसे भिड़ने वालों का भी इलाज कर देंगे। सीएम के इस बयान को नीरज कुमार के समर्थन के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा

पटना स्नातक MLC चुनाव को लेकर अनंत सिंह पहले ही कह चुके हैं कि वह नीरज कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने नीरज कुमार को हराने के लिए अनुज सिंह के समर्थन की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, अनंत सिंह ने इसे नीरज कुमार के साथ अपनी व्यक्तिगत और पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से भी जोड़ा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर कई आरोप लगाए हैं। इनमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले भी राजनीतिक और कानूनी मामलों में फंसाया गया। उन्होंने AK-47 मामले का जिक्र करते हुए नीरज कुमार पर आरोप लगाया। ये आरोप अनंत सिंह के बयान हैं और इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र न्यायिक निष्कर्ष इस रिपोर्ट में स्थापित नहीं किया जा रहा है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को आमने-सामने बहस की चुनौती भी दी और 20 करोड़ रुपये की शर्त लगाने की बात कही। इस बयान की भी विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में पुष्टि हुई है।

नीरज कुमार ने भी किया पलटवार

अनंत सिंह के आरोपों के जवाब में नीरज कुमार ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। 19 सितंबर को दिए बयान में उन्होंने अनंत सिंह के आरोपों को खारिज करते हुए उनसे अपने दावों के समर्थन में अदालत में साक्ष्य देने को कहा। उन्होंने अनंत सिंह की राजनीतिक गतिविधियों और उनके बयानों पर भी सवाल उठाए।नीरज कुमार ने यह भी कहा कि अगर उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के कोई प्रमाण हैं तो उन्हें अदालत में पेश किया जाना चाहिए। दोनों नेताओं के बीच इस बयानबाजी के बाद पटना स्नातक सीट का चुनावी विवाद JDU के अंदरूनी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

2015 से जुड़ी है दोनों नेताओं की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद नया नहीं है। इसकी राजनीतिक पृष्ठभूमि 2015 के मोकामा विधानसभा चुनाव तक जाती है। 2015 में अनंत सिंह को एक हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद JDU ने उन्हें मोकामा से टिकट नहीं दिया। अनंत सिंह ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और नीरज कुमार के खिलाफ जीत दर्ज की। इसी दौर में दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक राजनीतिक टकराव बढ़ा। बाद के वर्षों में भी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी जारी रही। 2019 में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने मुंगेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, जबकि बाद में अनंत सिंह के खिलाफ उनके पैतृक आवास से हथियार बरामदगी का मामला सामने आया। इस मामले को लेकर भी नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हुए। हालांकि, 2024 में पटना हाईकोर्ट ने AK-47 और अन्य हथियार बरामदगी से जुड़े मामले में अनंत सिंह को बरी कर दिया था, जिसके बाद इस मामले से संबंधित आरोपों को वर्तमान राजनीतिक बयानबाजी में अलग-अलग पक्षों ने अपने-अपने तरीके से उठाया है।

2025 में JDU में लौटे अनंत सिंह

2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अनंत सिंह दोबारा JDU में लौटे। पार्टी ने उन्हें मोकामा से उम्मीदवार बनाया। इस दौरान भी नीरज कुमार की ओर से उनके समर्थन को लेकर टिप्पणी सामने आई थी। इसके बाद अब पटना स्नातक MLC चुनाव में दोनों नेताओं की राजनीतिक दूरी फिर सार्वजनिक हो गई है। JDU ने नीरज कुमार को इस सीट से दोबारा उम्मीदवार बनाया है, जबकि अनंत सिंह ने उनके खिलाफ समर्थन देने की घोषणा की है।

JDU ने विवाद सुलझाने की कोशिश भी की

दोनों नेताओं के बीच विवाद बढ़ने के बाद सितंबर की शुरुआत में JDU कार्यालय में बैठक भी हुई थी। सात सितंबर को हुई बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विवाद को सुलझाने और संगठन के भीतर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश की थी। इसके बाद भी दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी जारी रही।

अब CM सम्राट चौधरी के बयान से बढ़ी चर्चा

इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नीरज कुमार को लेकर दिया गया “पॉलिटिकल डॉक्टर” वाला बयान सामने आया है। सम्राट चौधरी ने कहा कि नीरज कुमार अच्छे-अच्छों का राजनीतिक इलाज कर देते हैं और अगर कोई उनसे भिड़ेगा तो उसका भी इलाज कर देंगे। इस बयान को राजनीतिक हलकों में पटना स्नातक चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री के इस बयान को औपचारिक चुनावी समर्थन या किसी नए गठबंधन की घोषणा के रूप में प्रस्तुत करने का आधार उपलब्ध नहीं है।

पटना स्नातक MLC चुनाव में अब क्या स्थिति ?

फिलहाल इस सीट पर मुख्य राजनीतिक चर्चा JDU के नीरज कुमार और अनंत सिंह द्वारा समर्थित अनुज सिंह को लेकर है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ अपनी स्थिति सार्वजनिक कर दी है। वहीं JDU की ओर से नीरज कुमार की उम्मीदवारी कायम है। इस पूरे विवाद में व्यक्तिगत आरोपों और राजनीतिक बयानों के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में JDU नेतृत्व इस मतभेद को किस तरह संभालता है और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।