पटना, 13 अगस्त 2026 : बिहार पुलिस के जवान अब सामान्य ड्यूटी में AK-47, इंसास और SLR के साथ लैस नहीं रहेंगे। बिहार पुलिस की सामान्य ड्यूटी में अब AK-47, इंसास और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों के इस्तेमाल को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सामान्य कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, प्रदर्शन और जुलूस जैसी ड्यूटी में इन हथियारों का अनावश्यक इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय की ओर से यह निर्देश राज्य के सभी 38 जिलों के लिए लागू किया गया है। डीजीपी विनय कुमार के निर्देश के बाद हथियारों के इस्तेमाल को लेकर पुलिस अधिकारियों और जवानों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

सामान्य ड्यूटी में नहीं दिखेंगे असॉल्ट हथियार

नई व्यवस्था के तहत सामान्य गश्ती, कानून-व्यवस्था, प्रदर्शन, जुलूस और भीड़ नियंत्रण जैसी ड्यूटी में जवानों को ड्यूटी की प्रकृति और परिस्थिति के अनुसार निर्धारित हथियारों के साथ तैनात किया जाएगा।पुलिस मुख्यालय का मानना है कि आम लोगों के बीच अत्याधुनिक असॉल्ट राइफल लेकर पुलिस की तैनाती कई बार तनाव और भय का माहौल पैदा कर सकती है। ऐसे में सामान्य पुलिसिंग के दौरान भारी हथियारों के अनावश्यक प्रदर्शन को कम करने पर जोर दिया गया है।

पूरी तरह नहीं लगी AK-47 और इंसास पर रोक

यह निर्देश AK-47, इंसास या SLR जैसे हथियारों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। गंभीर और विशेष परिस्थितियों में इन हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकेगा। उग्रवाद, आतंकवाद, दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान या किसी गंभीर सुरक्षा खतरे की स्थिति में पुलिस जरूरत के मुताबिक असॉल्ट हथियारों का इस्तेमाल कर सकेगी। यानी सामान्य कानून-व्यवस्था की ड्यूटी और विशेष ऑपरेशन के लिए हथियारों के इस्तेमाल की सीमा को स्पष्ट किया गया है।

सीवान की घटना के बाद सख्ती

हथियारों के इस्तेमाल को लेकर यह निर्देश सीवान में बिहार बंद के दौरान हुई एक घटना के बाद चर्चा में आया है। प्रदर्शन के दौरान एक सिपाही द्वारा AK-47 से हवाई फायरिंग किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, फायरिंग का आदेश किसी अधिकारी की ओर से नहीं दिया गया था। इस मामले में सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को निलंबित किया जा चुका है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है।

पुलिसिंग में क्या बदलेगा ?

नई व्यवस्था का मकसद सामान्य पुलिसिंग के दौरान असॉल्ट हथियारों के अनावश्यक प्रदर्शन को कम करना है। पुलिस को कानून-व्यवस्था संभालने के दौरान परिस्थिति के मुताबिक हथियारों का इस्तेमाल करना होगा। हालांकि, किसी गंभीर खतरे, आतंकवाद, उग्रवाद या विशेष अभियान की स्थिति में पुलिस को जरूरत के अनुसार अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति रहेगी। इस बदलाव से एक तरफ पुलिस की operational जरूरतों को ध्यान में रखा गया है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के बीच पुलिस की मौजूदगी को कम भय पैदा करने वाला बनाने पर भी जोर दिया गया है।