पटना/दरभंगा, 9 सितंबर 2026 : बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बहादुरपुर के BDO आनंद कुमार विभूति के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। EOU की टीम ने बिहार के अलग-अलग शहरों में उनके पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान जमीन, वाहन, बैंक खाते, म्यूचुअल फंड और बीमा निवेश से जुड़े कई दस्तावेज सामने आए हैं।

16 जमीनों और 4 महंगी गाड़ियों का पता

EOU की छापेमारी में BDO आनंद विभूति और उनके परिजनों से जुड़ी 16 जमीनों के दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा चार महंगी गाड़ियों से संबंधित कागजात भी जांच टीम को मिले हैं। तलाशी के दौरान एक आलीशान बंगले से जुड़े दस्तावेज और म्यूचुअल फंड में करीब 70 लाख रुपये के निवेश की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा बीमा कंपनियों में हर साल 1.50 लाख रुपये के प्रीमियम भुगतान से जुड़े कागजात भी जांच टीम ने बरामद किए हैं।

बैंक खातों और लॉकर की भी जानकारी

EOU को BDO और उनके परिजनों के नाम पर 16 अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी मिली है। जांच के दौरान सामने आए बैंक खातों को फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई है। इसके अलावा एक बैंक लॉकर के बारे में भी जानकारी मिली है। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार छापेमारी के दौरान लॉकर की तलाशी नहीं हो सकी। EOU को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर संपत्ति और निवेश से जुड़ी और जानकारी सामने आ सकती है।

पत्नी की मौजूदगी में हुई तलाशी

दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सैदनगर-जनकपुरी स्थित BDO के किराए के आवास पर सुबह आठ बजे EOU की टीम पहुंची। उस समय आनंद विभूति घर पर नहीं थे। उनकी पत्नी की मौजूदगी में टीम ने आवास की तलाशी ली। इस दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के कागजात, कार्ड और जेवरात की खरीद से संबंधित रसीदें सहित कई दस्तावेज जांच टीम के हाथ लगे।

सरकारी कार्यालय और पैतृक आवास पर भी जांच

EOU की टीम ने BDO के सरकारी कार्यालय की भी जांच की। इसके अलावा पूर्वी चंपारण के चिरैया स्थित उनके पैतृक आवास पर टीम पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। इस दौरान उनके छोटे भाई राजीव कुमार उर्फ रामबाबू समेत परिवार के अन्य सदस्यों से जानकारी ली गई।

आट सदस्यीय टीम ने की कार्रवाई

BDO आनंद कुमार विभूति के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOU की 8 सदस्यीय टीम ने छापेमारी की। टीम का नेतृत्व DSP मिथिलेश कुमार जायसवाल ने किया। आनंद कुमार विभूति करीब 12 वर्षों से प्रशासनिक सेवा में हैं। फिलहाल EOU की जांच में सामने आए दस्तावेजों और संपत्तियों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही उनकी संपत्ति और आय के बीच वास्तविक अंतर को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।