पटना, 14 अगस्त 2026 : बिहार पुलिस मुख्यालय की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी विनय कुमार ने शुक्रवार को राज्य में अपराध, पुलिस भर्ती, नक्सल अभियान और पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि हत्या और डकैती के मामलों में कमी आई है, जबकि डेढ़ साल में 50 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती की दिशा में काम चल रहा है। डीजीपी ने अपराध के आंकड़ों से लेकर पुलिस भर्ती, नक्सल अभियान और पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर तक की जानकारी साझा की।डीजीपी के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में 22 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती हो चुकी है, जबकि 26,574 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसे एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।

डेढ़ साल में 50 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती

बिहार पुलिस में बड़े स्तर पर भर्ती की तैयारी चल रही है। डीजीपी ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 22 हजार से अधिक जवानों की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा 26,574 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इसे तय समय में पूरा करने के बाद डेढ़ साल की अवधि में 50 हजार से ज्यादा नई भर्तियां होने की दिशा में काम किया जा रहा है।

हत्या और डकैती के मामलों में कमी का दावा

पुलिस मुख्यालय के मुताबिक बिहार में कुछ प्रमुख अपराधों में कमी दर्ज की गई है। इस आंकड़ों के अनुसार हत्या के मामलों में 10.1 फीसदी और डकैती में 31.32 फीसदी की गिरावट आई है। डीजीपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है। उन्होंने हत्या की घटनाओं के पीछे प्रेम प्रसंग, जमीन विवाद और पारिवारिक विवाद जैसे कारणों का भी जिक्र किया।

बिहार का कोई जिला अब नक्सल प्रभावित नहीं

नक्सल विरोधी अभियान को पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि बताया है। डीजीपी के मुताबिक अब बिहार का कोई भी जिला उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले राज्य के कई इलाकों में नक्सली गतिविधियों का व्यापक असर था। अब राज्य सरकार की कोशिश पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की है। इसके लिए पर्यटन, शिक्षा और उद्योग को बढ़ावा देने की योजना पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही जन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जा रहा है।

600 थाना भवनों का निर्माण जारी

बिहार पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी काम चल रहा है। डीजीपी ने बताया कि राज्य में करीब 600 थाना भवनों का निर्माण जारी है। इसके साथ ही डायल-112 की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 172 करोड़ रुपये की योजना पर काम किया जा रहा है। पटना में पुलिस साइबर सेल के लिए आधुनिक भवन बनाने की भी योजना है।

नशे के खिलाफ अभियान बड़ी चुनौती

डीजीपी ने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी मात्रा में गांजा और अन्य ड्रग्स बरामद किए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक नशे की सप्लाई के नेटवर्क के तार नेपाल, नॉर्थ ईस्ट और दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। डीजीपी ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए पुलिस के साथ-साथ समाज को भी आगे आना होगा।

मानव तस्करी और बच्चों की सुरक्षा पर भी जोर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मानव तस्करी और बच्चों से जुड़ी घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। डीजीपी ने कहा कि इन समस्याओं को केवल पुलिस कार्रवाई से खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने अशिक्षा और गरीबी को इसके प्रमुख कारणों में शामिल बताया और बच्चों की सुरक्षा के लिए सामाजिक भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है।

दंगों में भारी कमी का दावा

डीजीपी ने बिहार में कानून-व्यवस्था के पुराने और मौजूदा हालात की तुलना करते हुए कहा कि पहले राज्य में एक साल में करीब 15 हजार दंगे होते थे। अब यह संख्या घटकर करीब 100 के आसपास रह गई है। उन्होंने इसे कानून-व्यवस्था में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत बताया।

बिहार पुलिस को पहली बार मिलेगा प्रेसिडेंट्स कलर

बिहार पुलिस के लिए एक और बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी गई। डीजीपी ने बताया कि बिहार पुलिस को पहली बार President’s Colour Award से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को यह सम्मान 1954 में मिल चुका था, जबकि बिहार पुलिस को अब पहली बार यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने जा रहा है।

18 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक

स्वतंत्रता दिवस पर बिहार के 18 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान पाने वालों में सिपाही, हवलदार के साथ महिला एसपी, डीएसपी और आईजी रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं।

भरत तिवारी मामले पर DGP ने क्या कहा ?

भोजपुर के भरत तिवारी मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में विनय कुमार ने कहा कि मामले में न्यायिक जांच जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की भी जांच हो रही है। घटना में शामिल एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया जा चुका है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अपराध रोकने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी

डीजीपी ने कहा कि पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन नशा, मानव तस्करी, बच्चों की सुरक्षा व पारिवारिक विवाद जैसी समस्याओं के समाधान के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। पुलिस भर्ती बढ़ाने और तकनीकी संसाधनों को मजबूत करने के साथ बिहार पुलिस अब अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है।